CO Sadar Muzaffarnagar Ravi Shankar Mishra Aaropiyo Ke Sath
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जनपद में गुरुवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) के पुरकाज़ी थाना क्षेत्र के दादूपुर गांव में हिस्ट्रीशीटर मोनू (25) की उसके सगे चाचा ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार हत्या का कारण कुछ दिन पहले हुई चोरी की घटना बनी। करतार सिंह को शक था कि चोरी उसके भतीजे मोनू ने ही की है। इसी रंजिश को लेकर गुरुवार को उसने अपने दो साथियों कुलविंदर और बलविंदर के साथ मिलकर घर के बाहर ही वारदात को अंजाम दिया।
मोनू को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

हत्या के चार घंटे बाद ही पुलिस की बड़ी कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के पुलिस कप्तान संजय कुमार वर्मा ने तुरंत कई टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू कराई। बताया जाता है कि तीनों आरोपी हत्या के बाद जिले से भागने की फिराक में थे। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रैक कर पुरकाज़ी थाना क्षेत्र के जंगल में घेराबंदी की।
पुलिस और बदमाशों के बीच जमकर फायरिंग हुई। आत्मरक्षा में की गई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में करतार सिंह, कुलविंदर और बलविंदर गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने मौके से तीनों को गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
आरोपियों के पास से हथियार और बाइक बरामद
मुठभेड़ के बाद तलाशी में मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में असलहे बरामद किए। इसमें 12 बोर का मस्कट, 315 बोर की राइफल, 12 बोर का एक तमंचा, जिंदा और खोखे कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा उनके पास से एक पल्सर मोटरसाइकिल भी मिली, जिससे वे भागने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों आरोपी पुराने अपराधी हैं और इनके खिलाफ भी कई मुकदमे दर्ज हैं। इनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
मृतक भी था हिस्ट्रीशीटर
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक मोनू खुद भी मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के पुरकाज़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ हत्या, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। इसके बावजूद करतार सिंह को शक था कि उसके घर हुई चोरी में मोनू का हाथ है। इस विवाद को लेकर दोनों के बीच कई दिनों से झगड़े हो रहे थे, जो आखिरकार खून-खराबे में बदल गया।
पुलिस अधिकारियों का बयान
इस घटना पर जानकारी देते हुए मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) सीओ सदर रविशंकर मिश्रा ने बताया कि 11 सितंबर की शाम दादूपुर गांव में मोनू को तीन लोगों ने गोली मार दी थी। इलाज के दौरान मोनू की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि हत्या के बाद गठित पुलिस टीमों ने लगातार कांबिंग की और आरोपियों को घेर लिया। फायरिंग के दौरान तीनों बदमाश घायल हुए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके पास से हथियार और बाइक बरामद हुई है। आगे की विधिक कार्यवाही जारी है।
परिवारिक रंजिश बनी खून की वजह
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले की यह घटना इस बात का सबूत है कि परिवारिक विवाद और आपराधिक पृष्ठभूमि जब एक साथ आ जाएं तो वारदात कितनी खतरनाक हो सकती है। चाचा और भतीजे दोनों ही अपराध की दुनिया में गहरे धंसे हुए थे। दोनों पक्षों के आपराधिक इतिहास खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनके गिरोह और अन्य वारदातों से कोई बड़ा संबंध तो नहीं रहा है।
इलाके में फैली दहशत, भारी पुलिस बल तैनात
वारदात के बाद मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के पुरकाज़ी थाना क्षेत्र के पूरे दादूपुर गांव और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। अचानक हुई फायरिंग और हत्या की घटना से ग्रामीण सहमे हुए हैं। मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के पुरकाज़ी थाना क्षेत्र पुलिस ने हालात को देखते हुए गांव और अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों की लगातार निगरानी बनी हुई है और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।