Kannauj Police Ka 'Mission Mobile Recovery' Success
कन्नौज (संवाददाता पंकज कुमार श्रीवास्तव ) : कन्नौज (Kannauj) जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता और सतर्कता का बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। जिले की सर्विलांस टीम ने पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देशन में काम करते हुए 45 लाख रुपए कीमत के 222 चोरी, गुम और लूट के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की बरामदगी से उन सैकड़ों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, जो लंबे समय से अपने फोन खोने के बाद निराश थे।
यह उपलब्धि किसी छोटी सफलता से कम नहीं है। जिस दौर में मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और ऑनलाइन फ्रॉड जैसे अपराध आम बात बन चुके हैं, ऐसे समय में कन्नौज (Kannauj) पुलिस की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश पुलिस के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

ऑपरेशन “मिशन मोबाइल रिकवरी” की जबरदस्त सफलता
कन्नौज (Kannauj) पुलिस अधीक्षक कन्नौज के निर्देश पर शुरू किए गए “ऑपरेशन मिशन मोबाइल रिकवरी” के तहत सर्विलांस टीम ने जिले में दर्ज सैकड़ों मोबाइल चोरी के मामलों का गहन विश्लेषण किया। इसके बाद पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से तकनीकी निगरानी शुरू की।
लगातार कई हफ्तों की कड़ी मेहनत और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग के जरिये पुलिस ने 222 मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर ली। सभी फोन को बरामद कर उनका सत्यापन पूरा किया गया और अब उन्हें उनके असली मालिकों को वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कन्नौज (Kannauj) के सर्विलांस प्रभारी विपिन कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान की सफलता पुलिस और जनता दोनों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा, “हमने तकनीकी साधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए हर केस को बारीकी से खंगाला। मोबाइल मालिकों का सहयोग और शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेने से हमें यह बड़ी सफलता मिली।”
पुलिस की तकनीकी तैयारी ने दिखाई ताकत
कन्नौज (Kannauj) पुलिस की यह कामयाबी यह साबित करती है कि प्रदेश पुलिस अब डिजिटल तकनीक से लैस हो चुकी है। ऑपरेशन के दौरान टीम ने UP COP App, CEIR Portal, IMEI ट्रैकिंग और नेटवर्क डेटा विश्लेषण जैसे आधुनिक साधनों का उपयोग किया।
पुलिस अधीक्षक कन्नौज (Kannauj) ने बताया कि “यह सिर्फ मोबाइल बरामद करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि अगर तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए तो कोई अपराधी कानून की पकड़ से नहीं बच सकता।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी घटना की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं और अपने मोबाइल का IMEI नंबर CEIR पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
क्या है CEIR पोर्टल और कैसे करता है काम?
CEIR (Central Equipment Identity Register) भारत सरकार की एक विशेष पहल है। इसके तहत कोई भी नागरिक अपने चोरी या गुम हुए मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज करा सकता है। जैसे ही वह मोबाइल किसी भी नेटवर्क पर एक्टिव होता है, सिस्टम अलर्ट देता है और पुलिस को उसकी लोकेशन का पता चल जाता है।
कन्नौज (Kannauj) पुलिस ने इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सैकड़ों मोबाइल ट्रेस किए। यह न केवल पुलिस की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि डिजिटल तकनीक के सही उपयोग का भी बेहतरीन उदाहरण है।
कन्नौज पुलिस बनी प्रदेश में मिसाल
कन्नौज (Kannauj) पुलिस की यह उपलब्धि प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई है। 222 मोबाइल की बरामदगी सिर्फ एक संख्या नहीं बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिनके लिए मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं बल्कि यादों और संपर्क का जरिया था।
कन्नौज (Kannauj) की सर्विलांस टीम ने यह दिखा दिया कि अगर इच्छाशक्ति, तकनीकी दक्षता और टीम भावना मजबूत हो तो कोई भी अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।