Chhatra Ujjawal Ki MAut KE Bad Bawal (Muzaffarnagar)
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मुजफ्फरनगर (संवाददाता गौरव चौटाला) : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जनपद में छात्र उज्जवल राणा की आत्मदाह के बाद मौत ने पूरे जिले ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को डीएवी कॉलेज परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने वाले उज्जवल राणा के आखिरी शब्द थे— “मुझे इंसाफ दिला दो, वरना मेरी आत्मा यहीं भटकेगी।” यह शब्द अब इंसाफ की मांग बनकर गूंज रहे हैं। उज्जवल का यह दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Mritak Ujjawal Rana (Muzaffarnagar)
दिल्ली सफदरजंग अस्पताल में तोड़ा दम, कॉलेज परिसर में भारी प्रदर्शन
रविवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के उज्जवल राणा की मौत हो गई। सोमवार को जब उसका शव मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के बुढ़ाना स्थित डीएवी कॉलेज पहुंचा, तो सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। कॉलेज परिसर में छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, किसान संगठनों और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ परिवार के सदस्य धरने पर बैठ गए। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिला प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच करीब तीन घंटे तक वार्ता चली। अंततः यह तय हुआ कि 48 घंटे के अंदर आरोपी कॉलेज प्रिंसिपल, पीटीआई और दोषी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जाएगा, अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
धरने में उठीं मांगें: परिवार को नौकरी, मुआवजा और कॉलेज में लगे उज्जवल की प्रतिमा
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में धरने के दौरान छात्रों और समाज के प्रतिनिधियों ने कई मांगें उठाईं। इनमें शिक्षा नीति में बदलाव, मृतक छात्र के परिवार को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और कॉलेज परिसर में उज्जवल राणा की प्रतिमा लगाने की मांग शामिल थी। मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया और बताया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा।
फीस के दबाव से टूटा छात्र, वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से मिली जानकारी के अनुसार, उज्जवल राणा बीए तृतीय सेमेस्टर का छात्र था। उसकी ₹7,000 फीस में से उसने ₹1,750 जमा कर दिए थे, लेकिन शेष ₹5,250 की राशि को लेकर कॉलेज प्रशासन लगातार दबाव बना रहा था। घटना से पहले उज्जवल ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने कॉलेज प्रिंसिपल प्रदीप कुमार, पीटीआई और कुछ पुलिसकर्मियों पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाया था। वीडियो में उज्जवल ने कहा था कि यदि वह आत्महत्या करता है, तो इसके जिम्मेदार वही लोग होंगे। इसके बाद उसने कॉलेज परिसर में ही आत्मदाह कर लिया।
Sachin Rana Mritak Student Ke Chacha (Muzaffarnagar)
परिवार का बयान: “मेरे बेटे की आवाज बुलंद रहनी चाहिए”
मृतक छात्र के चाचा सचिन राणा ने कहा,
“मैंने कोई मांग नहीं रखी। जो समाज और संगठन यहां आए हैं, वही हमारे बेटे की आवाज हैं। हमने 48 घंटे का समय दिया है। अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। इंसाफ तभी मिलेगा जब दोषियों पर कार्रवाई होगी।”
Rakesh Tikait (National Spokesperson – BKU)
किसान नेता राकेश टिकैत बोले — शिक्षा नीति में बदलाव जरूरी
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा,
“यह तय हुआ है कि जिन 6-7 लोगों पर केस दर्ज है, उनकी गिरफ्तारी होगी। परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी दी जाएगी। उज्जवल की मूर्ति कॉलेज प्रांगण में लगाई जाएगी। लेकिन असली बदलाव तभी होगा जब फीस और शिक्षा नीति में सुधार आएगा, ताकि किसी बच्चे का भविष्य पैसों की कमी के कारण न रुके।”
उन्होंने कहा कि कई छात्र फीस न जमा कर पाने के कारण परीक्षा नहीं दे पाते — इस व्यवस्था में सुधार करना सरकार की जिम्मेदारी है।
Sanjeev Balyan (Former Union Minister of State)
पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने उठाया बड़ा सवाल
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा,
“उज्जवल राणा की मौत सिर्फ आत्महत्या नहीं, यह शिक्षा व्यवस्था पर सवाल है। क्या किसान या गरीब का बेटा शिक्षा का अधिकार रखता है या नहीं? सरकार ने राइट टू एजुकेशन एक्ट तो दिया, लेकिन उसका सही पालन नहीं हो रहा। उज्जवल की शहादत इस बात की याद दिलाती है कि शिक्षा का व्यवसायीकरण रोकना होगा। यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे समाज की लड़ाई है।”
Gajendra Pal Singh (ADM F – Muzaffarnagar)
प्रशासन का बयान — विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
मामले पर एडीएम (एफ) गजेंद्र पाल सिंह मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) ने बताया,
“डीएवी कॉलेज के बाहर आज प्रदर्शन हुआ था। छात्रों और संगठनों ने कई मांगें रखी हैं। जिला प्रशासन ने भरोसा दिया है कि उनकी मांगों पर जो भी विधिक कार्रवाई संभव होगी, वह सुनिश्चित की जाएगी।”