Muzaffarnagar Me Bandaro Ka Aatank CCTV Me Kaid
मुजफ्फरनगर (संवाददाता गौरव चौटाला) :मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले की की गांधी कॉलोनी में इन दिनों बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते दिनों एक और गंभीर घटना सामने आई, जिसमें बंदरों के झुंड ने घर के बाहर खेल रहे बच्चों पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना में 8 वर्षीय कियान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो गया।

घटना कैसे हुई — बच्चों पर अचानक टूट पड़ा बंदरों का झुंड
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) का यह मामला 9 नवंबर का है। गांधी कॉलोनी निवासी रविंद्र छाबड़ा के घर उनके बहन के बच्चे — भांजा और भांजी — आए हुए थे। वे रविंद्र के बेटे के साथ घर के बाहर खेल रहे थे। तभी अचानक बंदरों का एक झुंड वहां आ गया और बिना किसी उकसावे के बच्चों पर हमला कर दिया।
हमले में 8 वर्षीय कियान, जो रविंद्र का भांजा है, के हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं। कियान को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
हमले का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि बंदरों का व्यवहार कई दिनों से आक्रामक है और वे बिना किसी कारण लोगों को निशाना बना रहे हैं।
पीड़ित परिजन की गुहार — “आज मेरे भांजे को काटा, कल किसी और बच्चे को काट सकते हैं”
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) निवासी रविंद्र छाबड़ा ने इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा—
“यह रविवार 9 तारीख की शाम 4 से 5 बजे की घटना है। बच्चे खेल रहे थे और अचानक बंदरों का झुंड आ गया। मेरे भांजे को हाथ और पैर पर काटा गया। हम किसी को परेशान नहीं कर रहे थे। बंदर खुद ही झुंड बनाकर आए और हमला कर दिया। मेरा निवेदन है कि इन्हें जल्द पकड़ा जाए ताकि भविष्य में किसी और बच्चे को नुकसान न हो।”
रविंद्र ने कहा कि उनकी कॉलोनी में बंदरों की संख्या एकदम से बढ़ गई है और किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

नगर पालिका सक्रिय — बंदर पकड़ने के लिए टेंडर जारी, मथुरा से आएगी टीम
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले की इस घटना के बाद नगर पालिका प्रशासन भी हरकत में आया है।
नगर पालिका की अधिशासी अभियंता (ईई) प्रज्ञा सिंह ने बताया—
“हमारे संज्ञान में वीडियो आया है, यह बेहद दुखद है। नगर पालिका लगातार प्रयासरत है। बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और वर्क ऑर्डर भी मिल चुका है। टीम मथुरा से आएगी। उनसे आज भी संपर्क हुआ है— उन्होंने 2–3 दिन का समय मांगा है।”
नगर पालिका की योजना के अनुसार—
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मंडे से अभियान शुरू करने की तैयारी
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पहला चरण गांधी कॉलोनी से शुरू होगा
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सभी 55 वार्डों में अभियान चलेगा
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पकड़े गए बंदरों को शहर से दूर जंगलों में छोड़ा जाएगा
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अभियान बार-बार रिपीट किया जाएगा ताकि बंदर वापस न लौटें
अधिशासी अभियंता ने यह भी जानकारी दी कि शहर में कुत्तों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, जिसके लिए भी नगर पालिका ने सेंटर और शेल्टर होम का टेंडर जारी कर दिया है।
स्थानीय लोगों में बढ़ रही चिंता — “कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है”
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) की गांधी कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं कि बंदरों का आतंक पिछले कुछ महीनों से तेजी से बढ़ा है।
लोगों का कहना है कि—
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बंदर छतों पर घूमते रहते हैं
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घरों से सामान उठा लेते हैं
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बुजुर्गों और बच्चों को निशाना बना रहे हैं
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कई बार बाइक सवारों पर भी झपट्टा मारते हैं
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) की घटना के बाद से कॉलोनी के लोग हर समय सतर्कता बरतने को मजबूर हैं।
प्रशासन पर दबाव, जल्द राहत की उम्मीद
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जैसे व्यस्त शहर में रिहायशी कॉलोनियों में वन्यजीवों का बढ़ता हस्तक्षेप प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
वायरल वीडियो ने नगर पालिका पर दबाव तो बढ़ा दिया है, लेकिन मथुरा से आने वाली विशेषज्ञ टीम के अभियान से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल स्थानीय लोग मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बच्चे या नागरिक को कियान जैसी घटना का सामना न करना पड़े।