File Photo Bijnor
बिजनौर (संवाददाता महेंद्र सिंह) : जनपद बिजनौर (Bijnor) के थाना किरतपुर क्षेत्र में एक गंभीर और चौंकाने वाला हनी ट्रैप व ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभासद शाहवेज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें भाकियू टिकैत के मंडल प्रवक्ता आदिल जैदी, महिला फौजिया, तथा दो सिपाही लालू और पुनीत त्यागी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

पीड़ित ने लगाए हनी ट्रैप में फंसाकर उगाही के आरोप
पीड़ित मोहम्मद अर्सलान ने बिजनौर (Bijnor) के थाना किरतपुर में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसे सुनियोजित तरीके से हनी ट्रैप में फंसाया गया। आरोप है कि एक महिला के माध्यम से पहले उससे संपर्क कराया गया और फिर आपत्तिजनक परिस्थितियां बनाकर उसे वीडियो व फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया जाने लगा।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उससे लगातार पैसों की मांग की गई। रकम न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने, सामाजिक बदनामी करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही थीं। मानसिक दबाव और डर के चलते आखिरकार पीड़ित ने बिजनौर (Bijnor) पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने की कार्रवाई, सभासद से पूछताछ जारी
शिकायत मिलने के बाद बिजनौर (Bijnor) की थाना किरतपुर पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर मामला दर्ज किया और कार्रवाई करते हुए सभासद शाहवेज को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही मामले में डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
दो सिपाहियों की भूमिका से विभाग में मचा हड़कंप
इस प्रकरण में दो सिपाहियों के नाम सामने आने के बाद बिजनौर (Bijnor) पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के संकेत दिए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों से पुलिस की छवि धूमिल होती है और आम जनता का भरोसा कमजोर पड़ता है। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
पुलिस का दावा—जल्द होंगे सभी आरोपी गिरफ्तार
बिजनौर (Bijnor) पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित तरीके से काम करने वाले गिरोह की आशंका भी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल सभासद की गिरफ्तारी के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।