Maulana Zainul Aabideen Ke Janaaze Me Umdi Bheed (Bulandshahr)
बुलंदशहर (संवाददाता हिना अहमद) : जनपद बुलंदशहर (Bulandshahr) में शहर काजी एवं जामियत हिन्द के सदर हज़रत मौलाना ज़ैनुल आबीदीन का आज सुबह लगभग 5 बजे इंतकाल हो गया। उनके निधन की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ गई।
दोपहर 3 बजे ख्वाजा लाल बरनी के बाद उनकी नमाज-ए-जनाजा अदा की गई, जिसके बाद कब्रिस्तान अंसारीयान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

जनाजे में उमड़ा जनसैलाब
बुलंदशहर (Bulandshahr) के मौलाना ज़ैनुल आबीदीन के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी तादाद में धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक पहुंचे।
लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी मगफिरत के लिए दुआएं कीं।
सरल स्वभाव और सामाजिक समरसता के प्रतीक
बुलंदशहर (Bulandshahr) के मौलाना ज़ैनुल आबीदीन अपने सरल स्वभाव, धार्मिक सेवाओं और सामाजिक समरसता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में हमेशा भाईचारे, शांति और आपसी सौहार्द का संदेश दिया।
शहर में किसी भी सामाजिक या धार्मिक मुद्दे पर उनकी राय को सम्मान के साथ सुना जाता था। वे शिक्षा, समाज सेवा और आपसी एकता के पक्षधर रहे।
शहर में शोक की लहर
उनके इंतकाल की खबर मिलते ही विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने शोक व्यक्त किया। कई स्थानों पर दुआ-ए-मगफिरत का आयोजन किया गया।
मौलाना के निधन को शहर की अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।