शामली में शूटर्स के नाम से फेक सोशल मीडिया अकाउंट का जाल, पुलिस ने दर्ज किए दो मुकदमे
शामली। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में फरार शूटर्स की तलाश में जुटी शामली पुलिस के सामने अब सोशल मीडिया पर बनाए जा रहे फेक अकाउंट भी बड़ी चुनौती बन गए हैं। इन फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए आम लोगों में दहशत फैलाने और पुलिस-प्रशासन का मनोबल तोड़ने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है।
शामली पुलिस ने ऐसे करीब 15 से 16 फेक सोशल मीडिया अकाउंट चिन्हित किए हैं। इनमें कुछ अकाउंट फरार शूटर्स के नाम और उनके वास्तविक सोशल मीडिया हैंडल से मिलते-जुलते बनाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट के नाम में मामूली बदलाव, अंडरस्कोर या अन्य शब्द जोड़कर इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि आम लोगों को यह वास्तविक अकाउंट नजर आएं।
‘अभी दो मर्डर और होंगे’ जैसी धमकियों से दहशत
इन फेक अकाउंट से कथित तौर पर ऐसी पोस्ट प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें आगे भी हत्या करने की धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आमजन में भय का माहौल बनाने और पुलिस को चुनौती देने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस साइबर टीम फेक अकाउंट के वास्तविक हैंडलर्स तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद बढ़ी सोशल मीडिया गतिविधि
दरअसल, 26 अगस्त को शामली में हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक वारदात को चार हमलावरों ने अंजाम दिया था। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
शामली पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हरियाणा के सोनीपत निवासी दो कथित शूटर्स सुमित और मोहित को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। वहीं, दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने फरार दोनों शूटर्स पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर शूटर्स के नाम से बनाए गए फेक अकाउंट सामने आने के बाद पुलिस ने साइबर स्तर पर भी कार्रवाई तेज कर दी है।
फेक अकाउंट को लेकर दो मुकदमे दर्ज
अपर पुलिस अधीक्षक शामली सुमित शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने करीब 15 से 16 ऐसे सोशल मीडिया हैंडल चिन्हित किए हैं, जिनसे भड़काऊ और अफवाह फैलाने वाली सामग्री प्रसारित की जा रही है। इस मामले में साइबर थाने में दो अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं।
पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट को देखकर पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि वे फरार शूटर्स या उनके सहयोगियों के हैं, लेकिन जांच में कई अकाउंट फर्जी पाए गए हैं। पुलिस अब इनके वास्तविक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस की लोगों से अपील
एएसपी सुमित शुक्ला ने शामली के लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना या कार्रवाई से संबंधित जानकारी के लिए केवल शामली पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल या अन्य प्रमाणित स्रोतों पर ही विश्वास करें।
पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि फेक अकाउंट से आने वाली भड़काऊ पोस्ट को फॉरवर्ड, सेव या वायरल न करें। पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री फैलाने वालों और फर्जी अकाउंट संचालित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।