मुजफ्फरनगर में 17 सितंबर को राकेश टिकैत की किसान महापंचायत, रातभर गूंजेगी किसानों की आवाज
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की किसान राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने 17 सितंबर 2026 को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में बड़ी किसान-मजदूर महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया है। महापंचायत को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जनसंपर्क शुरू कर दिया है और किसानों से बड़ी संख्या में मुजफ्फरनगर पहुंचने की अपील की जा रही है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की मौजूदगी में होने वाली इस महापंचायत को लेकर संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्थानीय स्तर पर हुई बैठकों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और अलग-अलग गांवों में किसानों से संपर्क किया जा रहा है।
रात 6 बजे शुरू होकर सुबह तक चलेगी महापंचायत
इस बार भाकियू की महापंचायत अपने आयोजन के समय को लेकर भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 17 सितंबर की शाम करीब 6 बजे महापंचायत शुरू होगी और अगले दिन सुबह 6 बजे तक चलने की योजना है। यानी किसानों की यह पंचायत पूरी रात चलेगी।
भाकियू की ओर से इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रातभर चलने वाली बड़ी किसान महापंचायत के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है।
किसानों की समस्याओं को लेकर जुटेंगे हजारों किसान
महापंचायत को लेकर भाकियू पदाधिकारियों का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। संगठन की ओर से किसानों को ट्रैक्टर और अन्य साधनों से मुजफ्फरनगर पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है।
खतौली क्षेत्र के कई गांवों में भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने जनसंपर्क अभियान चलाया है। दाहोड़, खानपुर, पमनावली, चांदसमंद और चितौड़ा समेत कई गांवों में किसानों से संपर्क कर महापंचायत में पहुंचने की अपील की गई है।
गन्ना मूल्य, बकाया भुगतान और बिजली जैसे मुद्दे अहम
महापंचायत ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान लंबे समय से गन्ने के उचित मूल्य, बकाया भुगतान, बिजली की समस्याओं और कृषि लागत जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।
हाल ही में मुजफ्फरनगर क्षेत्र में भाकियू की पंचायतों में गन्ने के उचित मूल्य, चीनी की रिकवरी के अनुपात में किसानों को बोनस, बिजली समस्याओं और पशुपालकों को दूध का लाभकारी मूल्य दिलाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। 17 सितंबर को आंदोलन की रणनीति को लेकर भी चर्चा हुई है।
भाकियू की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संगठन की प्रमुख मांगों में कानूनी रूप से सुनिश्चित MSP, गन्ने के बकाया भुगतान और किसानों की लागत से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
गांव-गांव पहुंच रहे भाकियू कार्यकर्ता
महापंचायत को सफल बनाने के लिए भाकियू ने जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अलग-अलग ब्लॉक और जिलों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक किसानों को महापंचायत में लाने की अपील की जा रही है।
हरिद्वार क्षेत्र में हुई भाकियू की बैठक में भी 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउंड में होने वाली महापंचायत की तैयारियों पर चर्चा की गई और किसानों से बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया गया।
क्या कोई बड़ा ऐलान करेंगे राकेश टिकैत?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 17 सितंबर की रात मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान से राकेश टिकैत किसानों को क्या संदेश देंगे?
महापंचायत में किसानों की समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति तय होती है या किसी बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाता है, इस पर किसानों और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। हालांकि, किसी संभावित घोषणा को लेकर अभी अनुमान से आगे कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल भाकियू का पूरा फोकस 17 सितंबर की किसान-मजदूर महापंचायत को बड़ा बनाने पर है। पश्चिमी यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे जनसंपर्क अभियान से साफ है कि संगठन इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है।
मुजफ्फरनगर का जीआईसी मैदान एक बार फिर किसान राजनीति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। 17 सितंबर की शाम से 18 सितंबर की सुबह तक प्रस्तावित महापंचायत में किसानों की समस्याओं, गन्ने के दाम, बकाया भुगतान, बिजली और अन्य कृषि मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अब देखना होगा कि राकेश टिकैत इस महापंचायत के मंच से किसानों के लिए कौन-सी रणनीति रखते हैं और क्या कोई बड़ा आंदोलन या नई मांग सामने आती है।