शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी से 8 अभियुक्तों को सजा, 13 हजार रुपये का जुर्माना
शामली: उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप शामली पुलिस ने पुराने लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए 8 अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता प्राप्त की है। विभिन्न मामलों में सुनवाई पूरी होने के बाद माननीय न्यायालय ने अभियुक्तों को कारावास एवं कुल 13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस के अनुसार, कैराना थाना क्षेत्र में वर्ष 1998 में दर्ज आयुध अधिनियम के एक मामले में अभियुक्त राजुल पुत्र अलीशेर निवासी बसेड़ा को न्यायालय सीजेएसडी कैराना ने जेल में बिताई गई अवधि की सजा तथा 3 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर 7 दिन के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार वर्ष 2001 में आदर्श मंडी थाने में दर्ज आयुध अधिनियम के मामले में अभियुक्त लाल उर्फ राजमोहन पुत्र छतर सिंह निवासी शांतिनगर को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। जुर्माना न देने पर 7 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वर्ष 2001 में कोतवाली शामली में दर्ज गौवध अधिनियम के मामले में अभियुक्त इस्तकार, असलम, नासिर और कामिल को न्यायालय ने दोषी मानते हुए प्रत्येक पर 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में 6-6 दिन के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा वर्ष 2001 में दर्ज चोरी के एक मामले में अभियुक्त काला उर्फ भौंदा उर्फ फिरोज निवासी बागपत तथा अंकुर उर्फ प्रवीण निवासी शामली को जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ 2500-2500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। जुर्माना जमा न करने पर दोनों अभियुक्तों को 5-5 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शामली पुलिस ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय से यह सजा सुनिश्चित कराई गई है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी अपराधियों के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।