सहारनपुर: तबादले के बाद भी कार्यमुक्त नहीं हुआ शिविर सहायक, बिजली विभाग में उठे सवाल
सहारनपुर जनपद के रामपुर मनिहारान स्थित बिजली विभाग में एक शिविर सहायक कर्मचारी के तबादले के बावजूद कार्यमुक्त न किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि उच्च अधिकारियों के आदेश और कई बार किए गए पत्राचार के बाद भी संबंधित कर्मचारी को अभी तक नए तैनाती स्थल के लिए कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहारनपुर मंडल के अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार द्वारा 1 अगस्त 2026 को शिविर सहायक रिजवान अहमद का तबादला विद्युत वितरण खंड रामपुर मनिहारान से विद्युत वितरण खंड बलियाखेड़ी किया गया था। हालांकि, आरोप है कि अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड रामपुर मनिहारान द्वारा अब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि इस संबंध में अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल द्वितीय सहारनपुर की ओर से कई बार पत्राचार भी किया गया। सूत्रों के अनुसार, पत्रों में आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी अभी भी रामपुर मनिहारान में कार्यरत है।
अधिशासी अभियंता के संरक्षण के आरोप
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि संबंधित शिविर सहायक को अधिशासी अभियंता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते उनका तबादला आदेश प्रभावी नहीं हो पा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूर्व रिश्वत प्रकरण के बाद बढ़ी चर्चाएं
क्षेत्र में यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पूर्व में बिजली विभाग के एक कंप्यूटर ऑपरेटर को एंटी करप्शन टीम द्वारा कथित रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।
डिजिटल हाजिरी व्यवस्था पर भी सवाल
स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि विभाग में लागू डिजिटल उपस्थिति प्रणाली के बावजूद कर्मचारी की उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों ने मामले की जांच कराए जाने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है।
फिलहाल, तबादले के बाद भी कर्मचारी के कार्यमुक्त न होने और उच्च अधिकारियों के आदेशों के पालन को लेकर विभागीय स्तर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।