Aditya Singh (Sultanpur)
सुल्तानपुर (Sultanpur) : कहा जाता है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले आदित्य सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में आदित्य सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 508 हासिल कर अपने जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। जैसे ही उनके चयन की खबर सामने आई, पूरे इलाके और उनके पुराने स्कूल श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज में खुशी की लहर दौड़ गई।
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
सुल्तानपुर (Sultanpur) के आदित्य सिंह के लिए यह सफर आसान नहीं था। उन्होंने साल 2024 में पहला प्रयास दिया था। उस समय वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना सके।
हालांकि इस असफलता ने उन्हें निराश नहीं किया। उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और तैयारी को और मजबूत बनाया। इसका परिणाम यह रहा कि दूसरे ही प्रयास में उन्होंने 508वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त कर ली।
आदित्य अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और प्रयागराज के ‘दृष्टि IAS’ संस्थान के मार्गदर्शन को देते हैं।
किसान परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी उपलब्धि
सुल्तानपुर (Sultanpur) के आदित्य सिंह एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता उमाशंकर सिंह पहले दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते थे, लेकिन पिछले करीब 10 साल से गांव में ही खेती-किसानी कर रहे हैं।
उनकी मां पूनम सिंह गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने कभी आदित्य की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
परिवार में उनके बड़े भाई शुभम सिंह और बहन मानसी शिक्षक भर्ती (TGT) की तैयारी कर रहे हैं, जबकि छोटी बहन साक्षी बीएड की पढ़ाई कर रही हैं।
बचपन से ही पढ़ाई में रहे अव्वल
आदित्य बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार रहे हैं। साल 2018 की हाईस्कूल परीक्षा में उन्होंने पूरे सुल्तानपुर (Sultanpur) जिले में दूसरा स्थान हासिल किया था।
उस समय भी स्कूल के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. शिव हर्ष सिंह ने उन्हें मिठाई खिलाकर उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया था।
स्कूल और क्षेत्र में जश्न का माहौल
सुल्तानपुर (Sultanpur) के आदित्य की सफलता पर उनके विद्यालय श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज, कलान में खुशी का माहौल है।
विद्यालय के संस्थापक प्रधानाचार्य बाबू भोलानाथ सिंह, प्रबंधक शशि प्रकाश सिंह, प्रबंध निदेशक डॉ. वेद प्रकाश सिंह और प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष सिंह समेत पूरे स्कूल परिवार ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताया है।
उन्होंने कहा कि आदित्य की यह सफलता संस्थान की शिक्षा की गुणवत्ता और छात्र की मेहनत का परिणाम है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सुल्तानपुर (Sultanpur) के आदित्य सिंह की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों और गांवों से बड़े सपने देखते हैं।
अब आदित्य भारतीय प्रशासनिक सेवा के माध्यम से देश और समाज की सेवा करने का सपना पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।