Firozabad News
फिरोजाबाद (Firozabad): उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर फिरोजाबाद अपने कांच उद्योग के लिए देश-दुनिया में पहचान रखता है, लेकिन अब यह उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस आपूर्ति में बाधा के चलते यहां की अधिकांश फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
गैस संकट से ठप पड़ा उत्पादन
फिरोजाबाद (Firozabad) में सैकड़ों कांच फैक्ट्रियां हैं, जहां कांच की चूड़ियां, ग्लास, बोतल और डेकोरेटिव आइटम बनाए जाते हैं। इन फैक्ट्रियों की भट्टियां पूरी तरह गैस पर निर्भर हैं।
उद्योगपति सिंहराज यादव के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे यहां की लगभग 80% फैक्ट्रियों में काम बंद हो चुका है।
उन्होंने बताया कि अगर जल्द गैस उपलब्ध नहीं कराई गई, तो पूरा कांच उद्योग ठप हो सकता है।
50 हजार कारीगरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
फिरोजाबाद (Firozabad) में उद्योग बंद होने का सबसे बड़ा असर यहां काम करने वाले मजदूरों और कारीगरों पर पड़ा है।
करीब 50 हजार कारीगर बेरोजगार हो गए हैं और फैक्ट्रियों में काम न होने के कारण घर बैठने को मजबूर हैं।
कारीगरों का कहना है कि अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे, तो उनके सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
पूरी तरह गैस पर निर्भर है उद्योग
फिरोजाबाद (Firozabad) का कांच उद्योग पूरी तरह गैस आधारित है। यहां न तो कोयले का इस्तेमाल होता है और न ही लकड़ी का।
ऐसे में गैस सप्लाई बाधित होते ही उत्पादन पूरी तरह रुक जाता है। यही वजह है कि वर्तमान संकट ने उद्योग को सीधा प्रभावित किया है।
निर्यात पर भी पड़ा असर
फिरोजाबाद (Firozabad) में तैयार होने वाले कांच उत्पाद—
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चूड़ियां
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ग्लास
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बोतल
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हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेटिव आइटम
इनकी अमेरिका, यूरोप और अन्य देशों में भारी मांग है।
लेकिन मौजूदा हालात में समुद्री रास्तों में बाधा आने के कारण माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। अब व्यापारियों को सामान दूसरे रास्तों से भेजना पड़ रहा है, जिससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ गई है और मुनाफा घट रहा है।
उद्योगपतियों ने सरकार से लगाई गुहार
फिरोजाबाद (Firozabad) के उद्योगपतियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उद्योग को बचाया जा सके।
उनका कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो
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उद्योग को करोड़ों का नुकसान होगा
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निर्यात प्रभावित होगा
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और हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे
आगे क्या?
फिलहाल पूरा उद्योग सरकारी हस्तक्षेप और गैस सप्लाई बहाल होने का इंतजार कर रहा है।
यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो फिरोजाबाद (Firozabad) का यह ऐतिहासिक कांच उद्योग गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकता है, जिसका असर सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ेगा।