Mritak Ujjawal Rana (Muzaffarnagar)
मुजफ्फरनगर (संवाददाता गौरव चौटाला) : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के बुढाना में डीएवी कॉलेज परिसर में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने जिलेभर में सनसनी फैला दी।
कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र उज्जवल राणा ने फीस न भर पाने पर कथित रूप से अपमानित किए जाने के बाद कॉलेज परिसर में खुद को आग के हवाले कर दिया।
बताया जा रहा है कि कॉलेज प्रशासन ने फीस बकाया होने पर उज्जवल को क्लास से बाहर निकाल दिया था, जिसके बाद वह मानसिक रूप से टूट गया। अब इस घटना से पहले छात्र की लिखी एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उसने न सिर्फ कॉलेज प्रशासन बल्कि कुछ पुलिस अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

फीस न भर पाने पर हुआ अपमान, छात्र ने कॉलेज में खुद को लगाई आग
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) से सूत्रों के मुताबिक, उज्जवल राणा डीएवी कॉलेज का छात्र था और पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। कॉलेज प्रशासन ने उसे कई बार फीस जमा करने के लिए कहा, लेकिन जब वह फीस नहीं भर पाया तो कथित रूप से उसे क्लास से बाहर निकाल दिया गया।
इस घटना से व्यथित उज्जवल ने कॉलेज परिसर में ही खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। मौके पर मौजूद छात्रों और स्टाफ ने किसी तरह आग बुझाई और तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई।
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले की घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई और छात्र आक्रोशित हो गए। कई छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया।

चिट्ठी में उज्जवल राणा के गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले के बुढ़ाना के छात्र ने आत्मदाह की कोशिश से पहले उज्जवल राणा द्वारा लिखी गई एक हस्तलिखित चिट्ठी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
चिट्ठी में उज्जवल ने लिखा है कि उसे कॉलेज में बार-बार अपमानित किया गया और आर्थिक स्थिति को लेकर मज़ाक उड़ाया गया।
उसने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने पुलिस से मदद मांगी तो उसे न्याय की जगह धमकियां दी गईं।
चिट्ठी में कई स्थानीय नामों का जिक्र किया गया है और छात्र ने लिखा है कि “मुझे इंसाफ नहीं मिला, अब मैं खुद ही अपनी कहानी खत्म कर रहा हूँ।”
इस चिट्ठी ने प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
कॉलेज प्रशासन और पुलिस दोनों पर उठे सवाल
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले में बुढ़ाना की घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
छात्र संगठन और स्थानीय लोग कॉलेज पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
लोगों का कहना है कि अगर कॉलेज प्रशासन ने थोड़ा मानवीय दृष्टिकोण अपनाया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती।
दूसरी ओर, पुलिस पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं कि छात्र द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद उसे नज़रअंदाज़ किया गया।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और वायरल चिट्ठी की सत्यता की पुष्टि की जा रही है।
परिजनों का आरोप — “बेटे को मानसिक रूप से तोड़ा गया”
उज्जवल राणा के परिजनों ने मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के बुढ़ाना कॉलेज प्रशासन पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
परिजनों का कहना है कि उज्जवल ने फीस भरने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी थी, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने उसे सबके सामने बेइज़्जत कर दिया।
मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, “बेटा पढ़ना चाहता था, लेकिन कॉलेज ने उसकी मेहनत और इज़्जत दोनों छीन ली।”
जांच के आदेश, प्रशासन सतर्क
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
एसडीएम बुढाना ने बताया कि पुलिस को छात्र की चिट्ठी की फोरेंसिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं और कॉलेज प्रशासन से भी जवाब मांगा गया है।
जिला अधिकारी मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) ने कहा कि यदि किसी की लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल छात्र का इलाज जारी है और पुलिस कॉलेज परिसर में तैनात कर दी गई है ताकि माहौल शांत रहे।