Hathras Police Ki Dabangayi Janta Pareshan
हाथरस (संवाददाता होमेश मिश्रा ) : हाथरस (Hathras) में पुलिस की कथित दबंगई का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के कछपुरा में दो सगे भाइयों के आपसी विवाद को सुलझाने पहुंची पुलिस पर ही घर में घुसकर बर्बर पिटाई करने, महिलाओं को गाली देने और धमकाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने घटना का वीडियो सबूत होने की बात कही है और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंह से लिखित शिकायत की है।

घटना का विवरण: आपसी विवाद में पहुँची पुलिस, घर में घुसकर की पिटाई
हाथरस (Hathras) से मिली जानकारी के अनुसार, कछपुरा में दो भाइयों के बीच किसी बात को लेकर आपसी विवाद हो गया था। मामले की सूचना पीआरवी 112 को मिली, जिसके बाद हल्का इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि विवाद को शांत कराने के बजाए पुलिसकर्मियों ने घर में घुसकर महिलाओं और पुरुषों को जमकर पीटा। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस वालों ने गंदी-गंदी गालियां दीं और किसी भी तरह की बातचीत का मौका नहीं दिया।
परिवार का दावा है कि घर में घुसी पुलिस ने महिलाओं, बुजुर्गों और यहां तक कि बच्चे को भी नहीं बख्शा। पीड़ितों के अनुसार, हल्का इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह लगातार गाली-गलौज करते हुए घर के अंदर चले गए और बिना किसी वजह मारपीट शुरू कर दी।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना, पुलिस ले गई DVR और मोबाइल
परिवार के अनुसार हाथरस (Hathras) की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी, लेकिन पीटाई के बाद पुलिसकर्मी DVR और एक मोबाइल फोन भी जबरन उठा ले गए।
पीड़ित परिवार के बेटे ने जब DVR और मोबाइल ले जाने का विरोध किया तो उसे भी जमकर पीटा गया। आरोप है कि पुलिस ने उसे जमीन पर गिराकर लात-घूसों से हमला किया और अभद्र भाषा का उपयोग किया।
परिवार ने कहा कि हाथरस (Hathras) पुलिस की यह कार्रवाई जानबूझकर की गई ताकि वीडियो सबूत न रह जाए।

पीड़ित परिवार को धमकी: “शिकायत की तो फर्जी मुकदमों में फंसा दूंगा”
सबसे गंभीर आरोप यह है कि हाथरस (Hathras) हल्का इंचार्ज त्रिवेंद्र सिंह ने परिवार के सदस्यों को धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि इंचार्ज ने चेतावनी दी—
“अगर किसी बड़े अधिकारी से शिकायत की तो फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भिजवा दूंगा।”
इस धमकी के बाद परिवार दहशत में आ गया और सीधे एसपी कार्यालय हाथरस (Hathras) जाकर शिकायत की।
SP से लिखित शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने पूरा मामला पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंहा हाथरस (Hathras) को लिखित रूप में भेजा है। शिकायत में बताया गया है कि परिवार शांतिप्रिय है और कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन हल्का इंचार्ज ने जानबूझकर रौब जमाने और दबाव बनाने के लिए यह कार्रवाई की।
एसपी हाथरस (Hathras) से मांग की गई है कि मामले की जांच किसी उच्च अधिकारी को दी जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
पीड़ित परिवार ने सुरक्षा की भी मांग की है, क्योंकि उन्हें डर है कि पुलिस दोबारा घर पर हमला कर सकती है या उनको झूठे मुकदमों में फंसा सकती है।
स्थानीय लोगों में भी आक्रोश, कार्रवाई की उठ रही मांग
हाथरस (Hathras) की इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि शिकायतकर्ता सही हैं, तो ऐसी कार्रवाई पुलिस की छवि को धूमिल करती है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है।
लोग यह भी कह रहे हैं कि पुलिस का काम विवाद शांत कराना होता है, न कि मौके पर पहुंचकर स्थिति को और बिगाड़ना। सीसीटीवी DVR ले जाना संदेह पैदा करता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हाथरस (Hathras) गेट क्षेत्र में सामने आया यह मामला पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई होगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
सबसे अहम बात यह है कि सीसीटीवी DVR और मोबाइल वापस मिलें ताकि घटना की सच्चाई सबके सामने आ सके।