V.V. Inter Collage Ke Bahar ABVP Ka Dharna (Shamli)
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में सोमवार को वी.वी. इंटर कॉलेज में फीस अनियमितता और रसीद न दिए जाने के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारियों के साथ दर्जनों छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन मनमानी कर रहा है और फीस वसूलने के बावजूद छात्रों को रसीद नहीं दी जा रही।
धरने पर बैठे छात्र नेताओं ने कहा कि कॉलेज प्रशासन की इस लापरवाही ने छात्रों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होता और कॉलेज प्रबंधन कोई संतोषजनक जवाब नहीं देता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

“हर महीने अलग-अलग फीस, कोई रसीद नहीं” — छात्रों का आरोप
शामली (Shamli) में धरने में शामिल छात्र नेताओं ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन फीस वसूली में मनमानी कर रहा है। किसी माह 300 रुपये तो किसी माह 350 रुपये तक फीस ली जा रही है, जबकि इसका कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया जाता। छात्रों का कहना है कि कई बार पूरी फीस देने के बाद भी कॉलेज प्रशासन रसीद नहीं देता, जिससे उन्हें आगे एडमिशन या परीक्षा के समय दिक्कत होती है।
शामली (Shamli) के एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा की जा रही यह कार्रवाई पारदर्शिता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन इस तरह से मनमानी करेगा तो छात्र संगठन बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा।

“प्रबंधन से बात करने गए, मिला अपमानजनक व्यवहार” — एबीवीपी पदाधिकारी
एबीवीपी जिला संयोजक शामली (Shamli) ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज पहुंचे थे ताकि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की जा सके। लेकिन कॉलेज प्रबंधन के लोगों ने उनसे ठीक से बात करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनने की बजाय उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की गई। इससे नाराज़ होकर छात्रों ने कॉलेज गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रहा है। “हम किसी भी हालत में छात्रों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे,” छात्र नेताओं ने कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कॉलेज प्रबंधन ने जल्द समाधान नहीं किया तो जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आंदोलन को तेज किया जाएगा।

कॉलेज प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, इस पूरे प्रकरण में कॉलेज के प्रधानाचार्य ने छात्रों और एबीवीपी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फीस की रसीद देने की जिम्मेदारी संबंधित कक्षा के अध्यापक की होती है। “जिस छात्र को फीस की रसीद नहीं मिली है, वह अपने क्लास टीचर से प्राप्त कर सकता है,” प्रधानाचार्य ने कहा।
शामली (Shamli) के वी.वी. इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने यह भी कहा कि कॉलेज में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं हो रही है और समस्त कार्य शिक्षा विभाग के नियमों के तहत ही किए जा रहे हैं। उन्होंने एबीवीपी के आंदोलन को “भ्रम फैलाने की कोशिश” बताया।
फीस विवाद के बाद छात्रों में बढ़ा आक्रोश
शामली (Shamli) में धरना प्रदर्शन के दौरान कॉलेज गेट पर माहौल काफी गर्म रहा। छात्रों ने “शिक्षा में भ्रष्टाचार बंद करो”, “छात्रों का शोषण नहीं सहेंगे” जैसे नारे लगाए। मौके पर स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए स्थानीय पुलिस भी तैनात की गई।
शहरवासियों और अभिभावकों का कहना है कि अगर वास्तव में फीस में अनियमितता हो रही है, तो जिला प्रशासन को तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
जांच की मांग, जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की उम्मीद
शामली (Shamli) कॉलेज गेट पर धरने पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज प्रशासन ने 48 घंटे के अंदर कोई समाधान नहीं निकाला, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। छात्र संगठन ने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
धरने में शामिल प्रमुख कार्यकर्ताओं में जिला संयोजक विकास चौधरी, नगर मंत्री अंकित शर्मा, कॉलेज प्रभारी सौरभ त्यागी, राजकुमार सैनी, दीपक चौहान सहित दर्जनों छात्र मौजूद रहे।