Bijnor Sadar Vidhayak Suchi Choudhary Aur Ex MP Bhartendra Singh Aamne Saamne
बिजनौर (Bijnor) गंगा तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद बिजनौर में सियासत गरमा गई है। 63 करोड़ रुपये की बाढ़ परियोजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सदर विधायक सूची चौधरी और उनके पति ऐश्वर्या मौसम चौधरी ने पूर्व बिजनौर (Bijnor) सांसद भारतेंद्र सिंह को निशाने पर लिया, तो पूर्व बिजनौर (Bijnor) सांसद ने भी पलटवार करते हुए विधायक और उनके पति पर करारा हमला बोला। मामला अब केवल परियोजना तक सीमित न रहकर व्यक्तिगत बयानबाज़ी तक पहुँच गया है।

विधायक दंपति का आरोप: छवि खराब करने की साज़िश
बिजनौर (Bijnor) सदर विधायक सूची चौधरी और उनके पति ऐश्वर्या मौसम चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिजनौर (Bijnor) पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए।
मौसम चौधरी ने कहा कि पूर्व सांसद जानबूझकर बाढ़ परियोजना में भ्रष्टाचार का झूठा मुद्दा बनाकर न सिर्फ विधायक दंपति, बल्कि पूरी सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यह बाढ़ परियोजना 63 करोड़ 28 लाख 78 हज़ार रुपये की थी, जिसमें से केवल 30 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए और शेष धनराशि सरकार को वापस कर दी गई।
मौसम चौधरी के अनुसार,
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गौसपुर गाँव में 13 करोड़
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कुंदनपुर में 17 करोड़
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सुखपुर में 14 करोड़
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मोहिउद्दीनपुर, कोहरपुर और राजारामपुर–रघुनाथपुर में भी कार्य किए गए।
उन्होंने दावा किया कि इन सभी स्थानों पर अब कटान की समस्या खत्म हो चुकी है।
जियो ट्यूब विवाद और चेतावनी
विधायक पति ने गालखा मंदिर पर लगाई गई जियो ट्यूब को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि यह ट्यूब इस बाढ़ परियोजना का हिस्सा नहीं थी और इसके लिए कोई भुगतान भी नहीं किया गया।
मौसम चौधरी ने सीधे शब्दों में चेतावनी दी कि झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सभी सबूत पार्टी हाईकमान तक भेजे जाएंगे। अगर इस तरह के हमले जारी रहे तो इसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने पूर्व सांसद को सुरक्षा बढ़ाने की सलाह भी दी।
इसी बीच सदर विधायक सूची चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने पूर्व सांसद पर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो में उन्होंने उनकी तुलना बरसात में निकलने वाले मेंढक और मांस सूंघते कुत्ते से कर दी। इस बयान ने विवाद को और अधिक तूल दे दिया है।
पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह का पलटवार
वहीं, बिजनौर (Bijnor) पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने विधायक दंपति के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे 1991 से पार्टी के कार्यकर्ता हैं और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहे हैं। कोरोना काल में बीमार होने और अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद वे जनता के बीच मौजूद रहे।
उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने केवल बाढ़ परियोजना में गड़बड़ियों की जांच की मांग की थी। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह “संस्कारी पार्टी” के कार्यकर्ताओं की नहीं, बल्कि “गुंडों जैसी” है।
भारतेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि जनता विधायक से जवाब चाहती है, लेकिन जवाब उनके पति दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन जगहों पर काम हुआ, वहाँ आज भी कटान जारी है और जनता खुद इसका हिसाब मांगेगी

सियासी टकराव ने लिया व्यक्तिगत रंग
बिजनौर (Bijnor) गंगा तटबंध और बाढ़ परियोजना पर शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत हमलों में बदल गया है। विधायक दंपति और पूर्व सांसद के बीच चल रही यह जुबानी जंग अब बिजनौर की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है।
जहाँ एक ओर विधायक दंपति अपने काम को सफल और पारदर्शी बता रहे हैं, वहीं पूर्व सांसद सवाल उठा रहे हैं कि जनता को राहत क्यों नहीं मिली। इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर गुटबाज़ी और टकराव को भी उजागर कर दिया है।
जनता के बीच अब यह चर्चा जोरों पर है कि गंगा तटबंध पर हुए कामों की हकीकत क्या है और आखिरकार सच्चाई किसके पक्ष में है। आरोप–प्रत्यारोप के बीच असली सवाल यही है कि क्या गंगा तटबंध पर हुए काम से कटान की समस्या वास्तव में खत्म हुई या अब भी लोगों को बाढ़ के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।