Tewatiya Dairy Bulandshahr
बुलंदशहर (संवाददाता हिना अहमद) : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) जनपद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। फ़ूड सेफ्टी विभाग की टीम ने सोमवार को जनपद के शिकारपुर क्षेत्र स्थित तेवतिया स्वीट डेरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 30 क्विंटल मिलावटी रसगुल्ले बरामद किए हैं। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि फैक्ट्री में स्टार्च और केमिकल मिलाकर बंगाली और काला रसगुल्ला तैयार किया जा रहा था।
टीम ने मौके से कई ड्रमों और जंक के कनस्तरों में भरे मिलावटी रसगुल्ले जब्त किए। बताया गया कि इन रसगुल्लों में मच्छर और मक्खियाँ तैरती हुई मिलीं, जिससे फैक्ट्री की स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों की पूरी तरह अनदेखी का मामला सामने आया है।

फ़ूड सेफ्टी विभाग की लाइव रेड से हड़कंप
सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से बुलंदशहर (Bulandshahr) खाद्य विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि शिकारपुर क्षेत्र की कुछ मिठाई फैक्ट्रियों में नकली रसगुल्ले तैयार किए जा रहे हैं। इस पर अपर खाद्य आयुक्त विनीत कुमार के निर्देशन में फ़ूड सेफ्टी विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लाइव रेड की।
जैसे ही टीम ने तेवतिया स्वीट डेरी पर छापा मारा, फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी मौके से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को रोक लिया। जांच में फैक्ट्री के अंदर काले और सफेद रसगुल्लों की बड़ी खेप बरामद हुई।
जांच के दौरान पाया गया कि रसगुल्लों को तैयार करने में स्टार्च, सिंथेटिक केमिकल, कृत्रिम रंग और सस्ते फ्लेवरिंग एजेंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। फ़ूड सेफ्टी टीम ने मौके से करीब 12 सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
मिलावटखोरी के भंडाफोड़ पर बोले खाद्य अधिकारी
बुलंदशहर (Bulandshahr की इस कार्रवाई के बाद अपर खाद्य आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि टीम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि तेवतिया स्वीट डेरी में मिलावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि रसगुल्ले बनाने में खाद्य मानकों का उल्लंघन किया जा रहा था।
उन्होंने कहा,
“फैक्ट्री से करीब 30 क्विंटल रसगुल्ले बरामद किए गए हैं, जिनमें स्टार्च और हानिकारक केमिकल का प्रयोग पाया गया। मौके से लिए गए 12 सैंपलों को परीक्षण के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।”
खाद्य आयुक्त बुलंदशहर (Bulandshahr) ने यह भी बताया कि फैक्ट्री में जिस तरह की गंदगी और अस्वच्छ वातावरण पाया गया, वह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का कारण बन सकता है। ऐसे मिलावटी उत्पाद लोगों के जीवन से सीधा खिलवाड़ हैं।

फैक्ट्री सील, संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू
रेड के बाद फ़ूड सेफ्टी विभाग ने मौके पर फैक्ट्री को सील कर दिया है। फैक्ट्री संचालक और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफएसएसएआई अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। टीम ने मौके से बरामद समस्त सामग्री को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बुलंदशहर (Bulandshahr) पुलिस ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई और प्रशासन के निर्देश पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह डेरी लंबे समय से इलाके में मिठाइयाँ सप्लाई कर रही थी और त्योहारी सीजन में इसका कारोबार अचानक बढ़ गया था। अब इस कार्रवाई के बाद लोगों में मिलावटखोरी के खिलाफ आक्रोश और जागरूकता दोनों देखने को मिल रही है।
बुलंदशहर (Bulandshahr) फ़ूड सेफ्टी विभाग की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि त्योहारों के मौसम में मिठाइयों में मिलावट का धंधा जोरों पर है। बुलंदशहर (Bulandshahr की इस बड़ी रेड से न केवल उपभोक्ताओं को चेतावनी मिली है, बल्कि अन्य मिठाई कारोबारी भी अब जांच के दायरे में आ सकते हैं।
फ़ूड सेफ्टी विभाग की टीम ने स्पष्ट किया है कि अब पूरे जनपद में फैक्ट्रियों और डेरी उत्पाद इकाइयों की जांच अभियान चलाया जाएगा।
बुलंदशहर (Bulandshahr जिले में इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खाने-पीने की चीज़ें खरीदते समय ब्रांड, क्वालिटी और एफएसएसएआई लाइसेंस का अवश्य ध्यान रखें, ताकि मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचा जा सके।