Bandaro Ne Vriddh Par Kiya Hamla (Hapur)
हापुड़ (संवाददाता सोनू चौधरी) : हापुड़ (Hapur) जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के लुहारी गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब 20 से अधिक बंदरों के झुंड ने एक घर में घुसकर वहां लेटे हुए 55 वर्षीय व्यक्ति पर हमला कर दिया। इस हमले में वृद्ध व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना रविवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसने पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

खाट पर लेटे थे वकील, तभी घर में घुसे बंदर
हापुड़ (Hapur) से जानकारी के अनुसार, लुहारी गांव निवासी वकील (55 वर्ष) बीमार होने के कारण अपने घर के आंगन में खाट पर लेटे हुए थे। तभी अचानक 20 से अधिक बंदरों का झुंड घर की छत से उतरकर आंगन में आ गया। देखते ही देखते बंदरों ने वृद्ध व्यक्ति पर हमला कर दिया।
बंदरों ने उन्हें काट लिया और कपड़े फाड़ दिए, जिससे वह घायल हो गए। उनके चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी और परिजन मौके पर पहुंचे और डंडे लेकर बंदरों को वहां से भगाया।
गंभीर रूप से घायल वकील को तुरंत गढ़मुक्तेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
गांव में दहशत, लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे
हापुड़ (Hapur) जिले की इस घटना के बाद लुहारी गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बंदरों के झुंड गांव में घूम रहे हैं और कई लोगों को घायल भी कर चुके हैं।
बंदर न केवल घर की छतों पर चढ़ जाते हैं, बल्कि खेतों में काम कर रहे लोगों पर भी अचानक हमला कर देते हैं। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। लोग अब घर के बाहर काम करने या खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
हापुड़ (Hapur) जिले के लुहारी गांव के लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार राजस्व और वन विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीण सुरेश, राकेश और सोनू ने बताया कि “दिन-भर बंदरों का झुंड छतों पर उछल-कूद करता रहता है। कई बार महिलाएं और बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। अब तो लोगों का जीना मुहाल हो गया है।”
बंदरों के झुंड से बढ़ रही परेशानी
हापुड़ (Hapur) जिले के लुहारी गांव के स्थानीय लोगों के अनुसार, बंदरों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। माना जा रहा है कि ये बंदर आसपास के जंगलों और धार्मिक स्थलों से निकलकर गांवों की ओर आ रहे हैं।
इन बंदरों का व्यवहार काफी आक्रामक हो गया है। वे न केवल लोगों पर झपटते हैं बल्कि खाद्यान्न और सब्जियां भी नष्ट कर देते हैं।
पिछले एक महीने में गांव के करीब आधा दर्जन लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं।
प्रशासन और वन विभाग की चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंचती। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
गांव के प्रधान ने भी प्रशासन से गुहार लगाई है कि बंदरों को पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ा जाए ताकि ग्रामीण चैन की सांस ले सकें।
ग्रामीणों की सतर्कता ही एकमात्र सहारा
हापुड़ (Hapur) जिले के ग्रामीणों ने अपने स्तर पर छतों पर जाल और तार लगाने, लाठी रखने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने जैसी सावधानियां बरतनी शुरू कर दी हैं।
हालांकि, गांववालों का कहना है कि जब तक प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक यह खतरा बना रहेगा।
हापुड़ (Hapur) जिले के बहादुरगढ़ क्षेत्र में बंदरों का आतंक अब लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन के ढीले रवैये के चलते ग्रामीण दहशत में हैं। अब जरूरत है कि वन विभाग जल्द से जल्द सक्रिय होकर इन बंदरों को पकड़कर दूर के जंगलों में छोड़े, ताकि गांव में दोबारा ऐसी घटना न हो।