Haryana government has imposed a ban on paddy coming from Uttar Pradesh (Shamli)
शामली संवाददाता ( दीपक राठी): शामली (Shamli) जनपद के बिडौली क्षेत्र में बुधवार को एक बार फिर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच धान खरीद को लेकर तनाव का माहौल बन गया।
हरियाणा सरकार की ओर से यूपी से आने वाले धान पर लगाई गई रोक के कारण, सैकड़ों ट्रॉलियां और ट्रक मंगलौरा पुलिस चौकी के पास बॉर्डर पर फंसे हुए हैं।
हरियाणा पुलिस ने यूपी के किसानों को राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। किसानों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से हरियाणा की मंडियों में ही अपनी फसल बेचते आए हैं, लेकिन इस बार अचानक मिली रोक से वे मुश्किल में हैं।

किसान बोले— “हरियाणा के आढ़तियों से लिया था एडवांस, अब कैसे चुकाएं कर्ज”
शामली (Shamli) जिले के भोगी माजरा निवासी किसान जगदीश ने बताया कि उसने पांच बीघा खेत में धान की खेती की थी। हरियाणा के आढ़तियों से उसने एडवांस में पैसा लिया था, जिससे घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई का खर्च पूरा किया।
जगदीश ने कहा —
“अब जब फसल तैयार हुई और बेचने जा रहे हैं, तो हरियाणा पुलिस ने बॉर्डर पर रोक लगा दी। हमारा धान ट्रॉली में पड़ा खराब हो रहा है, और ऊपर से कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।”
इसी तरह किसान प्रेम कुमार और उनके साथी दो दिनों से बॉर्डर पर फंसे हैं। उन्होंने बताया कि उनके ट्रक में रखा धान धूप और नमी से खराब हो रहा है, लेकिन कोई अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा।
हरियाणा प्रशासन सख्त, कहा — ‘राज्यस्तरीय आदेश’
शामली (Shamli) बिडोली बॉर्डर पे धान पर लगाई गई रोक पर हरियाणा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय राज्यस्तर पर लिया गया आदेश है। जब तक उच्चाधिकारियों से नया निर्देश नहीं मिलता, यूपी से आने वाले धान को एंट्री की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हरियाणा सरकार का तर्क है कि बाहरी राज्यों के धान की एंट्री से स्थानीय किसानों को नुकसान होता है, इसलिए फिलहाल यह रोक जारी रहेगी।
यूपी प्रशासन ने किसानों को स्थानीय मंडियों में बेचने की दी सलाह
शामली (Shamli) के एसडीएम ऊन संदीप त्रिपाठी ने बताया कि जिले में कई धान क्रय केंद्र संचालित हैं। किसान वहीं पर उचित मूल्य पर अपनी फसल बेच सकते हैं।
उन्होंने कहा —
“किसानों से अपील है कि वे बॉर्डर पर समय बर्बाद न करें और जिले के सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचें, जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।”
हालांकि किसानों का कहना है कि यूपी की मंडियों में भुगतान में देरी और खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है, इसलिए वे हरियाणा की मंडियों को प्राथमिकता देते हैं।
किसान यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी
शामली (Shamli) से भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री मास्टर जाहिद ने इस रोक को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा —
“केंद्र सरकार कहती है कि किसान अपनी फसल कहीं भी बेच सकता है, लेकिन हरियाणा सरकार ने यूपी के किसानों के लिए जैसे सीमा रेखा खींच दी है। यह किसानों के साथ अन्याय है। अगर रोक जल्द नहीं हटाई गई, तो यह मुद्दा हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचाया जाएगा और आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता खुद को किसानों का मसीहा बताते हैं, वे इस वक्त घरों में आराम कर रहे हैं, जबकि असली किसान बॉर्डर पर परेशान खड़े हैं।
धान सड़ने का खतरा, आंदोलन की सुगबुगाहट
शामली (Shamli) बिडोली बॉर्डर पर रुके किसानों की ट्रॉलियों में रखा धान खराब होने लगा है। दिन-रात खुले आसमान के नीचे खड़े किसानों को खाने-पीने की भी दिक्कत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक रूप से बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
शामली (Shamli)-बिडौली बॉर्डर पर धान को लेकर जारी यह विवाद न केवल आर्थिक बल्कि मानवीय संकट का रूप लेता जा रहा है। जहां एक ओर हरियाणा सरकार अपनी नीति पर अड़ी है, वहीं यूपी के किसान अपनी मेहनत की कमाई सड़ते देखने को मजबूर हैं।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दोनों राज्यों के प्रशासन कब तक इस गतिरोध को समाप्त करते हैं।