Bulandshahr Pahunche DIG Kalanidhi Kiya Nirikshan
बुलंदशहर (Bulandshahr) (संवाददाता हिना अहमद) : दिल्ली में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट पर हैं। इसी क्रम में मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी बुधवार को बुलंदशहर (Bulandshahr) पहुंचे और नगर कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने न केवल असलहों की जांच की, बल्कि पुराने दस्तावेजों, लंबित मुकदमों और विवेचनाओं की फाइलों को भी विस्तार से परखा।

अचानक पहुंचे डीआईजी, पुलिस कर्मियों में खलबली
बुलंदशहर (Bulandshahr) जिले में सुबह के समय ही डीआईजी कलानिधि नैथानी नगर कोतवाली पहुंचे। उनके पहुंचते ही पुलिसकर्मियों में गतिविधि तेज हो गई।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोतवाली परिसर के प्रत्येक सेक्शन— हवालात, मालखाना, ड्यूटी रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर और रिकॉर्ड रूम—का बारीकी से जायज़ा लिया।
डीआईजी ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कोतवाली में आने वाला हर व्यक्ति सही तरीके से दर्ज हो, और प्रत्येक ड्यूटी अधिकारी अपडेटेड रजिस्टर के साथ ड्यूटी निभाए।
असलहों की जांच और दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल
बुलंदशहर (Bulandshahr) में निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कोतवाली में मौजूद सभी सरकारी असलहों की भौतिक स्थिति की जांच की।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से सवाल जवाब किए कि —
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सभी असलहे क्रियाशील हैं या नहीं
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आवश्यक मेंटेनेंस समय पर हो रहा है या नहीं
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गोला-बारूद का सही रिकॉर्ड रखा जा रहा है या नहीं
इसके साथ ही D-श्रेणी व पुराने मुकदमों की फाइलों को भी खोला गया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए फाइलें जल्द निस्तारित करने के निर्देश जारी किए।
डीआईजी ने कहा कि कई मामलों में अनावश्यक देरी देखने को मिलती है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी होती है। उन्होंने विवेचक अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुराने मुकदमों के त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
बुलंदशहर (Bulandshahr) में निरीक्षण के बाद डीआईजी ने एक छोटी बैठक की, जिसमें उन्होंने कोतवाली के अधिकारियों से लंबित मामलों की समीक्षा रिपोर्ट मांगी।
उन्होंने कहा —
“पुराने मुकदमों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए। हर मामले में जांच में तेजी लाई जाए और पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में लंबित विवेचनाएं उनके निरीक्षण का मुख्य बिंदु रहेंगी, इसलिए हर अधिकारी समयसीमा का विशेष ध्यान रखे।
दिल्ली धमाके के बाद बुलंदशहर पुलिस अलर्ट मोड में
दिल्ली धमाके के बाद पूरे मेरठ रेंज में सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
बुलंदशहर (Bulandshahr) पुलिस को विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डीआईजी ने कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट्स पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
अन्य विभागों के साथ संयुक्त निगरानी पर जोर
बुलंदशहर (Bulandshahr) निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिया कि —
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स्थानीय प्रशासन
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खुफिया विभाग
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यातायात पुलिस
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फायर विभाग
सभी आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
बुलंदशहर (Bulandshahr) से उन्होंने कहा कि संयुक्त निगरानी से न केवल सुरक्षा मजबूत होती है बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण मदद मिलती है।
पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश
बुलंदशहर (Bulandshahr) पहुंचे डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कोतवाली निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को आमजन से बेहतर व्यवहार, त्वरित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पुलिसिंग तभी प्रभावी मानी जाएगी जब जनता खुद को सुरक्षित महसूस करे और थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को समय पर सहायता मिले।
मेरठ डीआईजी का यह औचक निरीक्षण न केवल बुलंदशहर (Bulandshahr) पुलिस की कार्यप्रणाली को गति देने वाला रहा, बल्कि दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा तैयारियों की वास्तविक स्थिति को परखने का भी एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
सूत्रों के अनुसार, रेंज के अन्य जिलों में भी इसी तरह के निरीक्षण आगे जारी रह सकते हैं।