Amangarh Tiger Reserve Me Maada Bagh Ka Safal Rescue (Bijnor)
बिजनौर (संवाददाता महेंद्र सिंह) : उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले में 15 दिनों से लोगों की दहशत बनी हुई मादा बाघिन को आखिरकार शनिवार को वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू कर लिया। यह बाघिन अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व से भटककर 8 किलोमीटर गहरे आबादी वाले इलाके में पहुंच गई थी, जिसके चलते कई गांवों में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों ने बार-बार इसकी मूवमेंट देखी, जिसके बाद विभाग ने सर्च ऑपरेशन तेज किया।
ड्रोन कैमरे, ट्रैप कैमरे और कई टीमें लगाई गईं। लंबी मॉनिटरिंग के बाद आखिरकार विशेषज्ञों ने बाघिन की लोकेशन तय की और शनिवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

ट्रेंकुलाइज करने के बाद रेस्क्यू टीम में अफरा-तफरी
बिजनौर (Bijnor) वन विभाग की टीम ने करीब 40 मिनट की कोशिश के बाद बाघिन को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज कर दिया। लेकिन उसके बाद जो हुआ, उसने वन विभाग की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए।
बाघिन के बेहोश होने के बाद टीम उसे स्ट्रेचर पर लादकर पिंजरे तक ले जा रही थी। लेकिन भीड़ और दबाव में टीम के कई सदस्य घबरा गए। स्ट्रेचर कई बार डगमगाया और बाघिन दो-तीन बार जमीन पर गिरते-गिरते बची। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रेंकुलाइज किए गए जानवर को स्ट्रेचर पर ले जाते समय स्पेशल सपोर्ट बेल्ट, फिक्स्ड स्ट्रेचर लॉक और प्रोफेशनल हैंडलिंग की आवश्यकता होती है, जो मौके पर नहीं दिखा।
इसी वजह से ऑपरेशन के प्रोफेशनलिज़्म पर गंभीर सवाल उठे हैं।
ड्रोन की मदद से मिली सटीक लोकेशन
बिजनौर (Bijnor) वन विभाग के इस इस रेस्क्यू में ड्रोन कैमरों ने अहम भूमिका निभाई। बाघिन खेतों और गन्ने के बीच लगातार मूव कर रही थी, जिससे टीम को समस्या आ रही थी।
ड्रोन फुटेज में बाघिन की स्पष्ट लोकेशन कैद हुई और बड़ी सावधानी से डार्ट फायर किया गया।
बिजनौर (Bijnor) वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन स्वस्थ है और उसे मेडिकल परीक्षण के बाद अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व में शिफ्ट किया जाएगा।
15 दिनों से दहशत में थे स्थानीय ग्रामीण
ग्राम बड़ौत, नसिराबाद, हल्दौर और आसपास के गांवों में लोग शाम होते ही घरों में बंद हो जा रहे थे। किसानों ने खेतों में जाना कम कर दिया था। कई बार बाघिन को पशुओं पर हमला करते हुए देखा गया, जिससे डर और बढ़ गया।
बिजनौर (Bijnor) वन विभाग के अनुसार, बाघिन भोजन की तलाश में जंगल से बाहर निकली और गन्ने के घने खेतों में रास्ता भटक गई।
विशेषज्ञों ने उठाए सुरक्षा मानकों पर सवाल
बिजनौर (Bijnor) के रेस्क्यू का वीडियो सामने आने पर वाइल्डलाइफ़ विशेषज्ञों ने कहा कि:
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टीम प्रशिक्षित नहीं दिखी
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स्ट्रेचर हैंडलिंग गलत थी
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सेफ़्टी बेल्ट नहीं लगाई गई थी
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भीड़ को दूर रखने में असफलता रही
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बाघिन को अनावश्यक जोखिम हुआ
भविष्य में ऐसे ऑपरेशन के लिए बेहतर प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जरूरत बताई गई।
वन विभाग ने दिए जांच के आदेश
बिजनौर (Bijnor) का मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू सफल रहा, लेकिन जो लापरवाही वीडियो में दिखी, उस पर आंतरिक जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने दावा किया कि बाघिन पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।