District Hospital Shamli Ki Badi Laparwahi Aayi Saamne
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) के जिला संयुक्त चिकित्सालय से गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहाँ काउंसलर और लैब टेक्नीशियन के बीच विवाद के चलते एक HIV पॉजिटिव महिला का इलाज पिछले दस दिनों से अधर में लटका हुआ है। मामला तब उजागर हुआ जब अस्पताल में तैनात एसटीआई काउंसलर ने लैब टेक्नीशियन पर न केवल रिपोर्ट रोकने का आरोप लगाया, बल्कि जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत भी की। विवाद का पूरा घटनाक्रम अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हो गया है। फिलहाल, सीएमएस ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।

HIV पॉजिटिव महिला की रिपोर्ट दस दिन तक रोकी गई
शामली (Shamli) से मिली जानकारी के अनुसार, जिला संयुक्त चिकित्सालय में एसटीआई (STI) काउंसलर के पद पर तैनात शिवम कुमार ने कुछ दिन पहले एक महिला को जांच के दौरान HIV पॉजिटिव श्रेणी में ट्रेस किया था। प्रक्रिया के तहत महिला को आगे की पुष्टि जांच (कंफर्मेशन टेस्ट) के लिए ICTC काउंसलर के पास भेजा गया, जहाँ से उसे लैब टेक्नीशियन के पास टेस्ट कराने के लिए भेजा गया।
काउंसलर का आरोप है कि टेस्ट कराए जाने के बाद भी करीब दस दिन बीत जाने पर भी लैब टेक्नीशियन विशाल ने HIV पॉजिटिव महिला की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। रिपोर्ट न मिलने की वजह से महिला का आगे का इलाज शुरू नहीं हो पाया और उसे आईसीटीसी सेंटर मुजफ्फरनगर भेजने में भी देरी होती रही।
रिपोर्ट मांगने पर लैब टेक्नीशियन की दबंगई, जान से मारने की धमकी
शामली (Shamli) के काउंसलर शिवम कुमार के अनुसार, जब वह महिला की रिपोर्ट के बारे में जानकारी लेने लैब टेक्नीशियन विशाल के पास पहुंचे तो वह भड़क उठा। आरोप है कि बाद में लैब टेक्नीशियन सीधे काउंसलर के कमरे में पहुंचा और वहाँ उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पूरा घटनाक्रम काउंसलर के कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।
काउंसलर का कहना है कि लैब टेक्नीशियन विशाल का इसी तरह के दुर्व्यवहार का इतिहास पहले भी रहा है और उस पर विभागीय जांच हो चुकी है, लेकिन उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। शिवम कुमार का कहना है कि विशाल के कुछ प्रभावशाली नेताओं से संबंध होने के कारण उसे अपने जान–माल का खतरा महसूस हो रहा है।
काउंसलर ने दी लिखित शिकायत, सुरक्षा की भी मांग
शामली (Shamli) की इस घटना के बाद STI काउंसलर ने पूरा प्रकरण लिखित रूप में जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा को सौंपा है। शिकायत में उन्होंने लैब टेक्नीशियन पर जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और इलाज में बाधा डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। काउंसलर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

सीएमएस ने जांच के आदेश दिए, इलाज में देरी पर भी सवाल
शामली (Shamli) सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि HIV पॉजिटिव महिला की प्रारंभिक रिपोर्ट 7 तारीख को आई थी और उसे कन्फर्मेशन टेस्ट के लिए ICTC भेजा गया था। लेकिन जब महिला उनके पास पहुंची, तो कंफर्मेशन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी।
सीएमएस शामली (Shamli) ने बताया कि ICTC काउंसलर ने यह जानकारी दी कि HIV पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्ट सीधे काउंसलर को दी जाती है। बावजूद इसके, रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे इलाज शुरू होने में अनावश्यक देरी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान यह साफ होगा कि–
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महिला की कन्फर्म रिपोर्ट समय से क्यों नहीं दी गई?
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काउंसलर और लैब टेक्नीशियन में विवाद की जड़ क्या थी?
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क्या मरीज को ट्रेस करने में भी लापरवाही हुई?
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और सबसे महत्वपूर्ण—महिला का इलाज दस दिन तक क्यों नहीं शुरू हुआ?
सीएमएस ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दोष तय होगा और कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
HIV जैसे संवेदनशील मामलों में रिपोर्ट रोके जाने और इलाज में देरी होना गंभीर चिंता का विषय है। मामला सामने आने के बाद शामली (Shamli) अस्पताल प्रशासन पर कई सवाल उठ रहे हैं। वहीं काउंसलर और लैब टेक्नीशियन के विवाद का सीधा असर मरीज के स्वास्थ्य पर पड़ता दिखा, जो अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
जांच समिति के गठन के साथ ही शामली (Shamli) अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।