Kisaano Ki Bheed Ki Sath Collectorate Pahunche BJP Neta Manish Chauhan (Shamli)
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : शामली (Shamli) जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हलचल तेज हो गई जब कैराना विधानसभा क्षेत्र के 32 गांवों से आए सैकड़ों किसान अचानक एकत्रित हो गए। किसानों के साथ भारतीय जनता पार्टी के नेता मनीष चौहान भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासनिक अमले के सामने किसानों की वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से रखा गया।

“यह कोई प्रदर्शन नहीं, बड़ा मुद्दा है” – मनीष चौहान
News 80 से बातचीत करते हुए बीजेपी नेता मनीष चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई प्रदर्शन नहीं है, बल्कि एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को लेकर किसान यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने बताया कि शामली (Shamli) के कैराना विधानसभा क्षेत्र के सहपत से लेकर बलेडा, बसेड़ा, भोगीमाजरा, खेड़ी, कुचनाम, नागना फार्म सहित कुल 32 गांव इस समस्या से प्रभावित हैं।
हाईकोर्ट के आदेश से वन विभाग में दर्ज हो गई किसानों की जमीन
शामली (Shamli) कलेक्ट्रेट पहुंचे मनीष चौहान ने बताया कि इन गांवों की हजारों बीघा जमीन को लेकर वन विभाग ने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया था, जिसकी जानकारी किसानों को नहीं थी। इस मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच से आदेश आया, जिसके बाद किसानों की जमीन वन विभाग के नाम दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि इसमें किसानों की कोई गलती नहीं है। जमीन से जुड़े सभी कानूनी प्रक्रियाएं जैसे दाखिल-खारिज, बैनामा और चकबंदी पहले ही पूरी हो चुकी थीं। बावजूद इसके, बिना किसानों की जानकारी के मामला अदालत तक पहुंच गया।
“अब किसान जाए तो कहां जाए?”
शामली (Shamli) कलेक्ट्रेट से मनीष चौहान ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसानों को इस मुकदमे की जानकारी ही नहीं थी, तो वे अपनी बात अदालत में कैसे रखते। अब स्थिति यह है कि 32 गांवों के किसानों की जमीन पर संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने भावुक लहजे में कहा कि अगर किसानों की जमीन छिन गई, तो वे कमाएंगे क्या और खाएंगे क्या। प्रभावित किसान अधिकतर गरीब और सामान्य वर्ग से हैं, जिनकी पूरी आजीविका खेती पर निर्भर है।
डीएम, एडीएम और एसडीएम से की गई मुलाकात
इस मामले को लेकर किसानों के साथ मनीष चौहान ने शामली (Shamli) जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और एसडीएम से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन के सामने मांग रखी कि हाईकोर्ट के हालिया आदेश पर कुछ समय दिया जाए, ताकि किसान अपने दस्तावेज तैयार कर अदालत में अपनी बात रख सकें।
मनीष चौहान के अनुसार, शामली (Shamli) कलेक्ट्रेट प्रशासन ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और मदद का आश्वासन भी दिया।
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
News 80 से बातचीत में मनीष चौहान ने बताया कि फिलहाल किसान अपने कागजात इकट्ठा कर रहे हैं और संभवतः एक से दो दिन में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सभी किसानों को साथ लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी।
चुनावी सवाल पर क्या बोले मनीष चौहान?
जब News 80 ने उनसे पूछा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और वे कैराना से विधानसभा की दावेदारी भी कर रहे हैं, तो क्या यह पूरी कवायद चुनावी तैयारी का हिस्सा है?
इस पर मनीष चौहान ने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन यह कदम चुनाव के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा और सहयोग के लिए है। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद करना उनकी जिम्मेदारी है।
नाहिद हसन पर सवाल, जवाब में खामोशी
मौजूदा विधायक नाहिद हसन तक किसानों की बात क्यों नहीं पहुंची— इस सवाल पर मनीष चौहान ने कोई सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उनकी खामोशी बहुत कुछ बयां करती नजर आई।
राजनीति से ऊपर किसानों की जमीन का सवाल
अंत में शामली (Shamli) से मनीष चौहान ने कहा कि यह मामला राजनीति से ऊपर है। यह किसानों की जमीन और उनकी रोजी-रोटी का सवाल है। चाहे कोई जनप्रतिनिधि हो या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को मिलकर किसानों की जमीन बचाने के लिए काम करना चाहिए।
कहीं न कहीं, बिना कुछ कहे भी बीजेपी नेता मनीष चौहान ने इस मुद्दे पर कैराना की राजनीति को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।