Pidit Doctor Ne Rote Huye Health Department Par Lagaye Gambhir Aarop (Shamli)
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) का स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। इस बार मामला और भी संवेदनशील है, क्योंकि एक सरकारी चिकित्सक ने सीएमओ कार्यालय में तैनात एक बाबू पर नियुक्ति के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित चिकित्सक का कहना है कि यह पूरा खेल सीएमओ के इशारे पर किया जा रहा है।

सीएचसी में फूट-फूट कर रोते दिखे डॉक्टर
पीड़ित चिकित्सक डॉक्टर बिजेंद्र सीएचसी शामली (Shamli) में रोते हुए नजर आए। जब उनसे इस हालत का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि सीएमओ ऑफिस में तैनात बाबू विजयपाल ने उन्हें किसी भी अस्पताल में सीएचसी प्रभारी नियुक्त करने के नाम पर रिश्वत की मांग की। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें सुबह से शाम तक सीएमओ कार्यालय में भूखा-प्यासा बैठाकर रखा गया और लगातार दबाव बनाया गया कि यदि नियुक्ति चाहिए तो दो लाख रुपये देने होंगे।
सीएमओ से शिकायत के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
डॉक्टर बिजेंद्र का आरोप है कि जब उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी सीएमओ शामली (Shamli) को दी, तो सीएमओ ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पीड़ित चिकित्सक का कहना है कि इससे साफ जाहिर होता है कि बाबू विजयपाल यह सब सीएमओ के संरक्षण और इशारे पर कर रहा है। डॉक्टर के अनुसार, यदि उच्च अधिकारियों की शह न होती तो कोई बाबू इस तरह खुलेआम रिश्वत की मांग करने की हिम्मत नहीं कर सकता।
मानसिक प्रताड़ना से टूट गया चिकित्सक
शामली (Shamli) से डॉक्टर बिजेंद्र ने बताया कि रिश्वत की मांग और लगातार अपमान से वह मानसिक रूप से टूट गए हैं। उनकी आंखों से आंसू बर्बस ही छलक पड़े। डॉक्टर का कहना है कि वह एक ईमानदार सरकारी कर्मचारी हैं और मेहनत के बल पर आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन इस तरह का भ्रष्ट सिस्टम उन्हें तोड़ने का काम कर रहा है।
उच्च अधिकारियों से शिकायत और जांच की मांग
पीड़ित चिकित्सक ने साफ कहा है कि वह इस पूरे मामले की शिकायत जिले के अन्य उच्च अधिकारियों और शासन स्तर तक करेंगे। उन्होंने मांग की है कि रिश्वत मांगने वाले बाबू विजयपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, उसे तत्काल सीएमओ कार्यालय से हटाया जाए और उसकी संपत्ति की जांच कराई जाए। डॉक्टर का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो तो शामली (Shamli) स्वास्थ्य विभाग में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
पहले भी रिश्वतखोरी में जा चुका है बाबू जेल
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी शामली (Shamli) के सीएमओ कार्यालय में तैनात एक अन्य बाबू को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़कर जेल भेजा था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जब नियुक्तियां और पदस्थापन रिश्वत के आधार पर होंगे, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ेगा। ईमानदार और योग्य डॉक्टर हतोत्साहित होंगे, जबकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
अब कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल शामली (Shamli) जिले का यह पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के ऐसे आरोप और गहराते चले जाएंगे।