Kisaan Ne DM Ko Diya Khanan Mafia Ke Khilaf Gyapan (Hapur)
हापुड़ (संवाददाता सोनू चौधरी) : उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ (Hapur) में अवैध खनन माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद नजर आ रहे हैं कि अब वे खुलेआम किसानों के खेतों से जबरन मिट्टी उठाने लगे हैं। ताजा मामला सिंभावली थाना क्षेत्र के ग्राम मुरादपुर का है, जहां एक पीड़ित किसान ने खनन माफियाओं की दबंगई से परेशान होकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रात के अंधेरे में 10 से 15 डंपर मिट्टी उठाने का आरोप
हापुड़ (Hapur) के पीड़ित किसान का आरोप है कि देर रात खनन माफियाओं ने उसके खेत में घुसकर 10 से 15 डंपर मिट्टी जबरन निकाल ली। जब किसान ने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया, जिससे डर के कारण वह तत्काल कोई कदम नहीं उठा सका। सुबह खेत पर पहुंचने पर जब उसे भारी मात्रा में मिट्टी गायब मिली तो वह स्तब्ध रह गया।
खनन विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप
पीड़ित का कहना है कि हापुड़ (Hapur) का खनन विभाग पूरी तरह से चेन की नींद सो रहा है। अवैध खनन की लगातार शिकायतों के बावजूद न तो मौके पर कोई अधिकारी पहुंचता है और न ही माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई की जाती है। किसान ने आरोप लगाया कि खनन माफिया विभागीय मिलीभगत के चलते बेखौफ होकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
खेती बर्बाद होने से आर्थिक संकट
किसान ने बताया कि खेत से मिट्टी उठ जाने के कारण उसकी फसल और भूमि दोनों को भारी नुकसान हुआ है। खेत की ऊपरी उपजाऊ परत हटने से आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा, जिससे उसका परिवार आर्थिक संकट में फंस सकता है। पीड़ित ने हापुड़ (Hapur) प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की भी मांग की है।
डीएम से न्याय की गुहार
पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी हापुड़ (Hapur) को दिए गए शिकायती पत्र में मांग की है कि
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अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए,
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खनन में इस्तेमाल किए गए डंपरों और मशीनों को जब्त किया जाए,
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और खनन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाए।
किसान का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो खनन माफिया और अधिक किसानों के खेतों को निशाना बनाएंगे।
ग्रामीणों में रोष, आंदोलन की चेतावनी
हापुड़ (Hapur) जिले के ग्राम मुरादपुर के अन्य ग्रामीणों का भी कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन लंबे समय से चल रहा है। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरा मामला हापुड़ (Hapur) जिला प्रशासन के संज्ञान में है। अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं और अवैध खनन माफियाओं पर कब तक शिकंजा कसता है। क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार सख्ती दिखाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।