Akhil Bhartiya Kshtriya Mahasabha Karyakarm (Muzaffarnagar)
मुजफ्फरनगर (संवाददाता विराट मालिक ) : मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षत्रिय समाज को संगठित करना, सामाजिक व कानूनी मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज बुलंद करना तथा आने वाले समय के लिए ठोस रणनीति तय करना रहा। बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग, पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की और विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने कहा कि कानून का उद्देश्य कमजोर वर्गों को संरक्षण देना है, लेकिन इसके नाम पर यदि किसी वर्ग को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, तो उस पर गंभीर पुनर्विचार और आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी से कार्यक्रम को मिली मजबूती
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री राघवेंद्र सिंह (राजू) की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष मजबूती प्रदान की। दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में संगठन की भूमिका, समाज की एकता और आने वाले समय में निर्णायक संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने फोन कॉल के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा समाजहित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठित समाज ही अपनी बात प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचा सकता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगीत सिंह सोम की उपस्थिति भी रही, जिन्होंने समाज को एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

एससी-एसटी एक्ट और हाईकोर्ट बेंच का मुद्दा रहा केंद्र में
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में विचार गोष्ठी के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. ए. पी. सिंह ने मंच से एससी-एसटी एक्ट के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस कानून के नाम पर समाज के एक वर्ग को परेशान किया जा रहा है, जो सामाजिक समरसता के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने इस विषय पर सरकार, समाज और कानूनविदों के बीच ठोस संवाद और नीति निर्माण की आवश्यकता बताई।
इसके साथ ही डॉ. ए. पी. सिंह ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल कानूनी नहीं बल्कि जनहित का बड़ा प्रश्न है, जिससे करोड़ों लोगों को त्वरित न्याय मिल सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस विषय पर कानून मंत्री से सीधी बातचीत कर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सम्मान समारोह और योग सत्र ने दिया सकारात्मक संदेश
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में समारोह के दौरान सभी विशिष्ट अतिथियों को फूल-मालाओं, पटका, पगड़ी और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहा गया। आयोजकों ने कहा कि यह सम्मान समाज के भीतर जिम्मेदारी और सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देता है।
मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) कार्यक्रम के अंतर्गत योग सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ शरीर और संतुलित सोच के साथ ही समाज अपने अधिकारों और कर्तव्यों के लिए मजबूती से खड़ा हो सकता है।
एकता, अधिकार और भविष्य का स्पष्ट संदेश
कुल मिलाकर, मुज़फ्फरनगर (Muzaffarnagar) में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि क्षत्रिय समाज की एकता, अधिकारों और भविष्य की दिशा को लेकर एक गंभीर और स्पष्ट संदेश देने वाला मंच साबित हुआ। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि समाज की आवाज को संगठित और प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके।