Shamli Me Van-Vibhag Ki Sheh Se Chal Raha Avaidh Lakdi Kataan
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में वन विभाग की कथित लापरवाही और संरक्षण के चलते अवैध लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। आरोप है कि बिना किसी अनुमति के प्रतिबंधित वृक्षों का कटान कर लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर खुलेआम बाजार में बेचा जा रहा है। इस पूरे मामले ने वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में लंबे समय से अवैध कटान का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं। नतीजा यह है कि पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है और सरकार को राजस्व की बड़ी क्षति हो रही है।

बुढ़ाना फाटक के पास पकड़ा गया प्रतिबंधित आम का पेड़
पूरा मामला शामली (Shamli) शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना फाटक के समीप का बताया जा रहा है। सोमवार की सुबह बिना किसी वैधानिक अनुमति के प्रतिबंधित आम के पेड़ का कटान कर उसकी लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादकर बेचने के लिए ले जाई जा रही थी।
ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने पूछताछ में बताया कि यह लकड़ी राजीव नामक ठेकेदार की है और आम का पेड़ कस्बा बनत क्षेत्र में काटा गया था। चालक के इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया।
चर्चित लकड़ी माफिया पर वन विभाग की मेहरबानी के आरोप
सूत्रों की मानें तो राजीव शामली (Shamli) का एक चर्चित लकड़ी माफिया है, जो कथित तौर पर वन विभाग के कुछ अधिकारियों की शह पर आसपास के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में लगातार बिना परमिशन प्रतिबंधित पेड़ों का कटान कर रहा है।
आरोप है कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी को ऊंचे दामों पर बेचकर माफिया मोटा मुनाफा कमा रहा है, जबकि वन विभाग और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वन विभाग का बयान, कार्रवाई की बात
जब इस पूरे मामले में शामली (Shamli) वन विभाग के संबंधित दरोगा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से शिवालिक की पहाड़ियों में किसी अन्य मामले के संबंध में गए हुए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संबंधित ठेकेदार उनके पास आया था, लेकिन पेड़ काटने की कोई स्वीकृति नहीं दी गई थी।
दरोगा ने कहा कि यदि इसके बावजूद भी अवैध कटान किया गया है, तो संबंधित लोगों और लकड़ी परिवहन में इस्तेमाल किए गए वाहन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। इस बयान से यह साफ हो गया है कि कटान बिना किसी वैधानिक अनुमति के किया गया था।
पर्यावरण और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शामली (Shamli) में वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि अवैध लकड़ी कटान पर सख्त कार्रवाई की जाए और दोषी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।