File Photo Kasganj
कासगंज (संवाददाता जयचंद्र) : कासगंज (Kasganj) जिले के थाना सिढपुरा क्षेत्र के गांव सेमरा मोर्चा निवासी योगेश कुमार को हाल ही में एक धमकी भरा फोन आया, जिसने पूरे परिवार में भय और तनाव पैदा कर दिया। फोन करने वाले ने खुद को दरोगा बताकर योगेश कुमार को हड़काया और धमकाया।
फोन की इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। ऑडियो में धमकाने वाला व्यक्ति अपनी आपा खोता दिखाई देता है और सामने वाले को भला-बुरा कहता है। उसने धमकी दी कि अगर योगेश कुमार ने उसके आदेशों का पालन नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। धमकाने वाले ने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया, जिससे पूरे परिवार में गहरा डर बैठ गया।

धमकी और गाली-गलौज का मामला
पीड़ित के अनुसार, फोन करने वाले ने केवल गाली-गलौज तक ही सीमित नहीं रखा। उसने फोन पर आगे कहा कि योगेश कुमार को एक निर्धारित स्थान पर बुलाया जाएगा, जहां उसका अपमान किया जाएगा। धमकी में भद्दे और गंदे शब्दों का प्रयोग भी किया गया। इस घटना से पीड़ित परिवार मानसिक रूप से अत्यंत परेशान है।
युवक योगेश कुमार के बड़े भाई गिरीश चंद्र ने इस संबंध में इलाके की कासगंज (Kasganj) पुलिस को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए और धमकी देने वाले को कठोर दंड मिले।
कानूनी कार्रवाई की दिशा
कासगंज (Kasganj) पुलिस ने अभी तक धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली है और जांच प्रारंभ की है। अधिकारी बता रहे हैं कि इस मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें भाड़े के तौर पर डराने-धमकाने, जातिसूचक टिप्पणी, मानसिक उत्पीड़न और सार्वजनिक अशांति फैलाने जैसी धाराएं शामिल हो सकती हैं।
हालांकि कासगंज (Kasganj) पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। इलाके के लोगों का कहना है कि इस तरह की धमकियों से गांव में डर का माहौल बन गया है।
स्थानीय लोगों की चिंता
स्थानीय लोग चिंतित हैं कि अगर इस तरह के मामले पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में इस तरह के दबंगों की हिम्मत बढ़ सकती है। उनका कहना है कि कासगंज (Kasganj) प्रशासन को लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर कदम उठाने चाहिए और धमकी देने वाले को सबक सिखाना चाहिए।
पीड़ित परिवार ने कहा कि अब उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वे चाहते हैं कि पुलिस उन्हें संरक्षण दे।