Aatmhatya Ka Prayas Karne Wala Kaasim (Sambhal)
सम्भल (संवाददाता महबूब अली) : उत्तर प्रदेश के सम्भल (Sambhal) नगर पालिका क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक घरेलू विवाद और मानसिक तनाव के चलते पानी की करीब 60 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या करने का प्रयास करने लगा। युवक को टंकी पर चढ़ा देख आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

पत्नी से विवाद बना आत्मघाती कदम की वजह
मौके पर मौजूद युवक की पहचान कासिम के रूप में हुई है, जो सम्भल (Sambhal) नगर पालिका क्षेत्र के चमन सराय इलाके में पानी की टंकी के सामने ही रहता है। मीडिया और पुलिस से बातचीत में कासिम ने बताया कि वह लंबे समय से पत्नी से चल रहे विवाद के कारण मानसिक रूप से परेशान था।
कासिम के अनुसार उसकी पत्नी सायना, जो हयात सराय की खारी कुई की रहने वाली है, उससे 1.5 लाख रुपये की मांग कर रही थी। इसके अलावा पत्नी द्वारा आपसी सहमति से तलाक (म्यूचुअल तलाक) की बात भी कही जा रही थी। इन्हीं कारणों से वह गहरे तनाव में आ गया और यह खतरनाक कदम उठा लिया।
सात साल की शादी, एक बेटी भी है
सम्भल (Sambhal) जिले के कासिम ने बताया कि उसकी शादी को करीब सात साल हो चुके हैं और उसकी एक छोटी बेटी है, जो फिलहाल उसके पास ही रहती है और घटना के समय घर पर मौजूद थी। पत्नी से लगातार चल रहे घरेलू विवाद और पैसों की मांग ने उसे मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
युवक का कहना था कि वह इस तनाव को और अधिक सहन नहीं कर पा रहा था, इसी वजह से उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की।
एक घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही सम्भल (Sambhal) पुलिस और नगर पालिका के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। पुलिस, परिजनों और स्थानीय लोगों ने युवक को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद कासिम को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
युवक के नीचे उतरते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। किसी भी प्रकार की अनहोनी टलने पर स्थानीय लोग और प्रशासन ने राहत महसूस की।
पुलिस ने लिया संरक्षण में, काउंसलिंग की तैयारी
फिलहाल सम्भल (Sambhal) पुलिस ने युवक को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और युवक की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
यह घटना घरेलू विवादों के चलते बढ़ते मानसिक तनाव की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।