CHC Kasimabad (Ghazipur)
गाजीपुर (संवाददाता पवन मिश्रा) : जनपद ग़ाज़ीपुर (Ghazipur) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कासिमाबाद में एक सरकारी चिकित्सक पर सर्जरी के दौरान महिला के पेट में बैंडेज छोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला ऑपरेशन के करीब एक महीने बाद तब सामने आया, जब निजी अस्पताल में दोबारा सर्जरी की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
ग़ाज़ीपुर (Ghazipur) के बरेसर थाना क्षेत्र के बदरपुर चांद गांव निवासी नीतीश कुमार ने दर्जनों ग्रामीणों के साथ सीएचसी कासिमाबाद पहुंचकर आरोप लगाया कि उनकी बहन इंद्र कला देवी का 29 दिसंबर 2025 को सीएचसी में ऑपरेशन हुआ था।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए अस्पताल में 7,000 रुपये नकद और 2,000 रुपये ऑनलाइन शुल्क लिया गया, जबकि 1,400 रुपये की दवाएं बाहर से मंगाई गईं।
नीतीश कुमार के अनुसार, ऑपरेशन के बाद महिला के टांके वाले स्थान पर लगातार दर्द और मवाद आने लगा। स्थिति में सुधार न होने पर पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन राहत नहीं मिली। बाद में वाराणसी के गुरुदयाल अस्पताल में जांच के दौरान पेट में बैंडेज छूटे होने की जानकारी मिली।

दोबारा सर्जरी, हालत गंभीर
परिजनों का दावा है कि 9 फरवरी को दोबारा ऑपरेशन कर बैंडेज निकाला गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ग़ाज़ीपुर (Ghazipur) के मामले को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने सीएचसी परिसर में हंगामा किया और संबंधित चिकित्सक व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अस्पताल कर्मियों के समझाने के बाद स्थिति शांत हुई।
सीएमओ का बयान
ग़ाज़ीपुर (Ghazipur) के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार पांडे ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।