Chitrakoot News:
Chitrakoot News: बुंदेलखंड के बीहड़ों और घने जंगलों के बीच स्थित चित्रकूट के पाठा क्षेत्र का चूल्ही गांव आज विकास की एक अनोखी मिसाल बनकर सामने आया है। जहां आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंची, वहीं हर घर में नल से साफ पानी मिल रहा है।
Chitrakoot News: हर घर नल योजना से बदली तस्वीर
सरकार की हर घर नल योजना के तहत इस गांव में घर-घर पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ पानी पहुंचाया गया है।
जंगलों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच बसे इस गांव में अब
- महिलाओं को दूर पानी लाने की जरूरत नहीं
- बच्चों को पानी भरने में समय नहीं गंवाना पड़ता
- हर घर के सामने नल से पानी उपलब्ध है
Chitrakoot News:पहले गंदे पानी से जूझते थे ग्रामीण
गांव के निवासी चुनकावन के अनुसार:
- पहले लोग हैंडपंप और कुएं का पानी पीते थे
- पानी अक्सर गंदा और बदबूदार होता था
- मजबूरी में उसी पानी का इस्तेमाल करना पड़ता था
अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है और लोगों को घर बैठे स्वच्छ पानी मिल रहा है।
Chitrakoot News:बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा सकारात्मक असर
गांव के युवक सोनू और अन्य ग्रामीण बताते हैं कि पहले:
- पानी लाने में घंटों लग जाते थे
- बच्चे स्कूल देर से पहुंचते थे
- पढ़ाई प्रभावित होती थी
अब:
- बच्चे समय से स्कूल जाते हैं
- परिवार के लोग अपने काम पर समय से निकलते हैं
यानी पानी की सुविधा ने गांव की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है।
Chitrakoot News: अब सड़क की मांग तेज
हालांकि पानी की सुविधा मिलने के बावजूद गांव में अभी भी कई बुनियादी समस्याएं हैं।
सबसे बड़ी समस्या है:
- सड़क का अभाव
ग्रामीणों का कहना है कि:
“जब जंगलों के बीच पानी पहुंच सकता है, तो सड़क क्यों नहीं?”
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव को सड़क से जोड़ा जाए, ताकि:
- स्वास्थ्य सेवाएं
- शिक्षा
- और अन्य जरूरी सुविधाएं
भी यहां तक आसानी से पहुंच सकें।
चूल्ही गांव यह दिखाता है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अब जरूरत है कि पानी के बाद सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि विकास पूरी तरह गांव तक पहुंच सके।