Shamli News
Shamli News: शामली संवाददाता (दीपक राठी) : शामली शहर में उस समय माहौल गरमा गया जब स्थानीय व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के समर्थन में कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ तहरीर देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वायरल हुए एक कथित अश्लील वीडियो से जुड़ा बताया जा रहा है।
Shamli News: व्यापारियों ने कोतवाली का किया घेराव
बुधवार को मोहल्ला ब्रह्मण शिव मंदिर निवासी दीपक बंसल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने कोतवाली प्रभारी सचिन शर्मा को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसे आईपीएस अजय पाल शर्मा से जोड़कर पेश किया गया।
व्यापारियों का कहना है कि यह वीडियो पहले ही जांच में फर्जी साबित हो चुका है और इसमें दिख रहा व्यक्ति कोई अन्य है, जो गुरुग्राम का निवासी बताया गया है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं इस वीडियो के बारे में स्वीकारोक्ति भी की है।
Shamli News: “ईमानदार अफसर की छवि खराब करने की साजिश”
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने कहा कि अजय पाल शर्मा एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने शामली में अपने कार्यकाल के दौरान अपराध पर प्रभावी नियंत्रण किया था। उनका आरोप है कि सांसद द्वारा जानबूझकर इस तरह का वीडियो साझा कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि ऐसे कृत्य न केवल एक अधिकारी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि प्रदेश सरकार की छवि पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
Shamli News: “धमकी और राजनीतिक साजिश” का आरोप
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया कि सांसद द्वारा कथित रूप से आईपीएस अधिकारी को जेल भेजने जैसी धमकियां दी जा रही हैं। व्यापारियों ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि इस प्रकार के आरोपों से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी पर रोक लगाई जाए।
Shamli News: प्रशासन ने लिया संज्ञान
कोतवाली प्रभारी ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायत पर उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बनता जा रहा है। सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सूचना या वीडियो के वायरल होने से पहले उसकी सत्यता की जांच आवश्यक हो गई है। शामली के व्यापारियों की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है, जहां वे एक अधिकारी की प्रतिष्ठा के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।