DM Shamli Ko Gyapan Dene Pahunche BKU Karyakarta
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में पर्यावरण प्रदूषण और जनस्वास्थ्य को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और बाहर से आने वाले कूड़े-करकट पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि जिले की विभिन्न फैक्ट्रियों में RDF (Refuse Derived Fuel) के नाम पर बाहर से लाया जा रहा कूड़ा-कचरा ईंधन के रूप में जलाया जा रहा है, जिससे जिले की हवा और पानी दोनों जहरीले होते जा रहे हैं।

RDF के नाम पर कूड़ा जलाने से हवा हुई जहरीली
भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि शामली (Shamli) जिले की कई फैक्ट्रियों में RDF के नाम पर पॉलीथीन, प्लास्टिक, कपड़ा, कांच और अन्य कूड़ा-कचरा जलाया जा रहा है। इससे वायु गुणवत्ता लगातार गिर रही है। किसानों का कहना है कि इस प्रदूषण के कारण जिले में दमा, अस्थमा, श्वास रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों का दावा है कि फैक्ट्री संचालक सस्ते ईंधन के लालच में पर्यावरण नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। लगातार जल रहे इस कचरे से निकलने वाला धुआं जिले की हवा को जहरीला बना रहा है, जिससे आमजन का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है।
RDF में मृत पशुओं के अवशेष तक होने का आरोप
शामली (Shamli) में भाकियू नेताओं ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि RDF के नाम पर जो कूड़ा-कचरा फैक्ट्रियों में जलाया जा रहा है, उसमें मृत पशुओं के अवशेष तक शामिल होते हैं। इससे न सिर्फ हवा बल्कि आसपास का पूरा वातावरण दूषित हो रहा है। किसानों का कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को तुरंत इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दूषित जल नदी-नालों में छोड़ने का भी आरोप
किसानों ने सिर्फ वायु प्रदूषण ही नहीं, बल्कि जल प्रदूषण को लेकर भी फैक्ट्री संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए। भाकियू के अनुसार, फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित जल सीधे नदी-नालों में छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्रोत पूरी तरह प्रदूषित हो चुके हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में खेती, पशुपालन और पीने के पानी पर बुरा असर पड़ रहा है।
शामली (Shamli) से किसान नेताओं का कहना है कि दूषित पानी के कारण भी लोगों में त्वचा रोग, पेट की बीमारियां और अन्य जानलेवा बीमारियां बढ़ रही हैं। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को सौंपा ज्ञापन
शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के दर्जनों पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी शामली (Shamli) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि RDF के नाम पर बाहर से लाए जा रहे कूड़े-कचरे पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
भाकियू नेताओं ने कहा कि वे यह मांग लंबे समय से उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मांग न मानी गई तो आंदोलन की चेतावनी
शामली (Shamli) से भारतीय किसान यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और RDF के नाम पर बाहर से आने वाले कचरे पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया, तो भाकियू सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। किसानों ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि पूरे जिले की जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा की है।
शामली (Shamli) में RDF कूड़े को लेकर उठा यह मुद्दा अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। किसानों के आरोपों ने फैक्ट्रियों की कार्यप्रणाली और पर्यावरणीय नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है या फिर जिले को बड़े किसान आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।