हापुड़ (Hapur) (सोनू चौधरी) : यदि आप भी वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे हैं,तो सोचिए मत क्योंकि देश की राजधानी दिल्ली से मात्र कुछ ही दूरी पर हापुड़ (Hapur) जिले की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर में चले आइए। क्योंकि इन दिनों यहां आपको ऐसे जीवो के दर्शन होंगे जिनके दर्शन के लिए आपको हजारों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ सकता है। दरअसल आपको बता दें कि इन दिनों हापुड की तीर्थनगरी बृजघाट साइबेरियन पक्षियों से अब ओर भी आकर्षक का केंद्र बना हुआ है साइबेरियन पक्षी की चहचहाट से गंगा का किनारा अब गुलजार हो चुका है।
Hapur की गंगा में अटखेलिया कर रहे साइबेरियन पक्षी

यहां साइबेरियन देश के पक्षी सात समुंदर पार से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आए हुए हैं। इन पक्षियों को देखने के लिए सैलानियों में काफी क्रेज रहता है। हर कोई गंगा के ऊपर हवा में उड़ते इन पक्षियों के सुंदर व आकर्षक नजारे को अपने कैमरे में कैद करना चाहता है। आपको बता दें कि साइबेरियन पक्षी केवल सर्दियों में ही विदेशी मेहमान के रूप में बृजघाट पहुंच अपना डेरा डाल लेते हैं ओर करीब चार महीने तक ये यहां प्रवास करते हैं। बता दे कि हापुड़ गंगा का स्वच्छ जल बहता इन पक्षियों को खूब भाता है।

इन साइबेरियन पक्षियों के यहां आने और उनकी चहचहाट से बृजघाट भी गुलजार रहता है। काफी दूर-दूर से सैलानी इस नजारे को देखने के लिए यहां आते हैं। बृजघाट में इन साइबेरियन पक्षियों से न सिर्फ आसमान का नजारा ही सुंदर दिखाई देता है, बल्कि यह हापुड़ (Hapur) गंगा की जलधारा पर भी अठखेलियां करते हुए दिखाई देते हैं। दरअसल साइबेरिया की ठंडी जलवायु से बचने के लिए वहां के पक्षी हर वर्ष ब्रजघाट पर दिखाई देने लगते हैं।
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इन्हें मैदानी भाग की जलवायु काफी पसंद है। यही कारण है कि यह कई किमी तक गंगा के किनारे को अपना बसेरा बनाए हुए हैं। दूर देश से आए इन मेहमान पक्षियों की खातिरदारी में यहां के नागरिक कोई कोर कसर नहीं छोड़ते। सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ पेड़-पौधों के झुरमुटों से निकल कर आए पक्षी घाटों पर अठखेलियां करने लगते हैं। हापुड़ (Hapur) गंगा की लहरों पर विचरण करते पक्षी दर्शकों को खूब लुभाते हैं।