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बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) में “आई लव मोहम्मद” के समर्थन में हुई हिंसा और बवाल की जांच में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार को पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक कुल 73 उपद्रवियों को हिरासत में लिया जा चुका है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में 16 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी मानुष पारीक बरेली (Bareilly) ने बताया कि 26 सितंबर को पार्षद अनीस की अपील पर काजीटोला में ताजीम तमंचा लेकर भीड़ को उकसा रहा था। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया तो ताजीम ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद बरेली (Bareilly) पुलिस ने राधा माधव स्कूल के पास मुठभेड़ में ताजीम को गिरफ्तार किया। ताजीम के बाएं घुटने में गोली लगी है। वह पशु तस्करी का आरोपी भी है।

जांच में खुलासा: उपद्रवी बिहार और पश्चिम बंगाल से भी आए थे
बरेली (Bareilly) पुलिस और खुफिया विभाग की जांच में यह सामने आया है कि बरेली बवाल में शामिल कई उपद्रवी स्थानीय नहीं थे, बल्कि दूसरे जिलों और राज्यों से भी आए थे। मंगलवार को बरेली (Bareilly) कोतवाली पुलिस ने कुल 14 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। इसमें से दो आरोपी बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी हरमेन रजा और नेमतुल्ला हैं। वे नौमहला मस्जिद में रह रहे थे और उपद्रव करने के बाद बिहार भागने की फिराक में थे।
इसके अलावा सोमवार को जेल भेजे गए दो अन्य आरोपी बिहार और पश्चिम बंगाल के निवासी थे। बरेली (Bareilly) पुलिस ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि बवाल एक संगठित योजना के तहत कराया गया था, जिसमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया।
सोशल मीडिया और भड़काऊ पोस्ट का मामला
बरेली (Bareilly) पुलिस की जांच में यह पता चला है कि नफीस व उसके बेटे फरमान ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बवाल को भड़काने में अहम भूमिका निभाई। बवाल के दिन उन्होंने आईएमसी के व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पेज पर भड़काऊ संदेश और वीडियो पोस्ट किए थे। फरमान ने शुक्रवार सुबह मौलाना तौकीर रजा का एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें मौलाना आई लव मोहम्मद के समर्थन में लोगों को “चलो इस्लामिया” का आह्वान करते हुए पुलिस प्रशासन को चुनौती दे रहे थे।
वीडियो में मौलाना ने साफ कहा था, “कर्फ्यू लगा दीजिए, कोई परवाह नहीं है। निकलेंगे तो निकलेंगे। लाठी चलाओ, गोली चलाओ या कर्फ्यू लगाओ।” पुलिस ने इस बयान को गंभीरता से लिया और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर फरमान के खिलाफ जांच तेज कर दी।

प्रशासन और पुलिस की सख्त कार्रवाई
एसएसपी अनुराग आर्य बरेली (Bareilly) ने बताया कि मामले में पुलिस ने आईएमसी के जिलाध्यक्ष शमशाद सहित 15 आरोपियों को अदालत में पेश किया, जिनमें से कई को जेल भेजा गया है। एक किशोर को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि नफीस और फरमान के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिल चुके हैं और उनकी भूमिका स्पष्ट है।
एसएसपी बरेली (Bareilly) ने साफ कहा है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में और लोग दोषी पाए जाते हैं तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
बरेली विकास प्राधिकरण की कार्रवाई
बरेली (Bareilly) विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के आरोप में मौलाना तौकीर रजा के एक करीबी के बरातघर को सील कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें अवैध निर्माण और भड़काऊ गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
बरेली (Bareilly) पुलिस का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और वे इस घटना के सभी पहलुओं का खुलासा करेंगे। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसा को रोका जा सके।