Jalbharav Se Pareshan Bijnor Jile Ke Gramin
बिजनौर (Bijnor) जिले के हमीदपुर गांव में इन दिनों जलभराव की समस्या ने ग्रामीणों की जिंदगी कठिन बना दी है। गांव के मुख्य रास्ते पर कई फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और राहगीरों को झेलनी पड़ रही है। रोजाना उन्हें इसी पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों की सबसे बड़ी परेशानी
बिजनौर (Bijnor) जिले के गांव के छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने में भारी दिक्कत आ रही है। कई बार साइकिल और पैदल निकलने वाले बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए तो यह रास्ता किसी दुश्वार सफर से कम नहीं। वहीं, वाहनों के फंस जाने से घंटों जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
बिजनौर (Bijnor) जिले की छात्रा लक्ष्मी कहती हैं, “हर रोज इसी पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार कपड़े और किताबें गीली हो जाती हैं। डर लगता है कि कहीं बीमार न पड़ जाएं।”
एक अन्य छात्रा ने बताया कि, “रोज कीचड़ और गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। कभी-कभी स्कूल ही नहीं जा पाते।”
छात्र कृष कुमार बोले, “साइकिल चलाना मुश्किल हो जाता है। कई बार फिसलकर चोट लग चुकी है।”
छात्र सुधांशु का कहना है कि, “पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। अगर समय रहते व्यवस्था नहीं हुई तो हालात और बिगड़ जाएंगे।”
ग्रामीणों का आरोप – प्रधान और प्रशासन जिम्मेदार
बिजनौर (Bijnor) जिले के ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव की स्थिति बिजनौर (Bijnor) जिले के ग्राम प्रधान की लापरवाही की वजह से बनी है। उनका कहना है कि सड़क का काम मनमाने तरीके से किया जा रहा है। प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया है।
वेन चालक अतीक बताते हैं, “बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना बहुत मुश्किल हो जाता है। गाड़ी बीच रास्ते फंस जाती है और बच्चे देर से पहुंचते हैं।”
ग्रामीण बलराज का कहना है कि, “कई बार अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।”
प्रदीप कुमार ने कहा, “महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इस जलभराव से बीमारी फैलने का भी खतरा है।”
रावेंद्र सिंह ने आरोप लगाया, “प्रधान की लापरवाही से यह हालत हुई है। गांव के लोग बहुत परेशान हैं।”
अन्य ग्रामीणों ने भी यही कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों का जीवन बुरी तरह प्रभावित होगा।
स्वास्थ्य संकट का भी खतरा
बिजनौर (Bijnor) जिले के गांव में जमा गंदा पानी धीरे-धीरे स्वास्थ्य संकट का रूप ले रहा है। मच्छरों की भरमार होने लगी है और ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का डर सता रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उनके बीमार पड़ने की आशंका अधिक है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो यह जलभराव महामारी का कारण भी बन सकता है।
ग्राम प्रधान पुत्र का पक्ष
इस पूरे मामले पर ग्राम प्रधान पुत्र ने सफाई दी। उन्होंने कहा, “इस सड़क को पीडब्ल्यूडी की योजना में डलवाया गया है लेकिन विभाग ने अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया। गांव वालों को अपने चबूतरे कटवाने के लिए भी कहा गया है, लेकिन वे तैयार नहीं हैं। इसी वजह से सड़क का काम अधर में लटका हुआ है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि यहां जल्द सड़क बन सके।”

ग्रामीणों की मांग – जल्द हो निकासी और सड़क निर्माण
बिजनौर (Bijnor) जिले के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था करने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। बिजनौर (Bijnor) जिले के हमीदपुर गांव के लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समस्या का हल नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल, गांव के लोग अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।