Meerut स्पोर्ट्स मार्केट पर अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर, गल्फ देशों को जाने वाला माल फंसा, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
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मेरठ (Meerut) : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब वैश्विक व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। इसका प्रभाव भारत के कई उद्योगों पर पड़ रहा है और उत्तर प्रदेश के मेरठ की प्रसिद्ध स्पोर्ट्स मार्केट भी इससे अछूती नहीं रही है।
मेरठ से बड़ी मात्रा में स्पोर्ट्स सामान गल्फ देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है, लेकिन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है। कई व्यापारियों का माल विदेश भेजने के दौरान एक्सपोर्ट प्वाइंट पर ही फंस गया है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है।

बाजार में दिख रहा युद्ध का असर
मेरठ (Meerut) के सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है।
मेरठ (Meerut) के सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार सिंघल के मुताबिक जब से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध जैसे हालात बने हैं, तब से व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि कई व्यापारियों ने पहले ही गल्फ देशों के लिए अपना माल भेज दिया था, लेकिन मौजूदा स्थिति के कारण वह एक्सपोर्ट प्वाइंट पर ही अटक गया है।
व्यापारियों का कहना है कि माल न तो विदेश पहुंच पा रहा है और न ही सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश मिले हैं। ऐसे में व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
पहले टैरिफ, अब युद्ध से बढ़ी परेशानी
मेरठ (Meerut) के स्थानीय व्यापारी अक्षत गोयल का कहना है कि इस साल व्यापार पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। दीपावली से पहले अमेरिकी नीतियों और टैरिफ के कारण भी व्यापार प्रभावित हुआ था।
हालांकि बाद में स्थिति कुछ बेहतर हुई और कारोबार में थोड़ी तेजी आई, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय तनाव ने व्यापारियों की चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं।
व्यापारियों का मानना है कि जब व्यापार प्रभावित होता है तो उसका असर सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज के हर वर्ग पर पड़ता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो महंगाई बढ़ने की आशंका भी हो सकती है।
करोड़ों रुपये का होता है सालाना कारोबार
मेरठ (Meerut) के व्यापारी इकबाल सिंह का कहना है कि सरकार को व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए। कई व्यापारियों का माल बीच रास्ते में फंसा हुआ है और यह स्पष्ट नहीं है कि वह विदेश जाएगा या वापस भारत आएगा।
उन्होंने बताया कि इस सीजन में गल्फ देशों के लिए मेरठ से कैरम बोर्ड, फुटबॉल, बैडमिंटन रैकेट, लूडो और अन्य खेल सामग्री बड़ी मात्रा में भेजी जाती है। इन उत्पादों की मांग भी शुरू हो चुकी है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण व्यापारी असमंजस में हैं।
गल्फ देशों से जुड़ा है बड़ा बाजार
दरअसल मेरठ (Meerut) से हर साल करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक का स्पोर्ट्स सामान गल्फ देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है। इनमें Saudi Arabia, Qatar, Oman, Kuwait और United Arab Emirates जैसे देश प्रमुख हैं।
ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं होते हैं, तो मेरठ के स्पोर्ट्स उद्योग को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। व्यापारियों का कहना है कि सरकार को इस दिशा में जल्द स्पष्ट नीति और दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि निर्यात प्रभावित न हो और व्यापारियों को राहत मिल सके।