Bijnor Me Kisaano Ne Bhalu Ki Dress Pehen Bhagaye Bandar
बिजनौर (संवाददाता महेंद्र सिंह) : बिजनौर (Bijnor) जिले के चंदक गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान किसानों ने एक अनोखा समाधान ढूंढ निकाला है। गन्ने और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे बंदरों से निपटने के लिए किसानों ने सामूहिक रूप से पैसे एकत्र कर भालू की ड्रेसें मंगवाई और उसे पहनकर खेतों में जाकर बंदरों को भगाना शुरू किया। यह तरीका ग्रामीणों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।

बंदरों का आतंक बना किसानों के लिए सिरदर्द
कई महीनों से बिजनौर (Bijnor) के चंदक गांव के आसपास बड़ी संख्या में बंदरों का झुंड खेतों में घुसकर गन्ने, मक्का, आलू और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा था। किसान लगातार प्रशासन से शिकायत कर रहे थे, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। मजबूर होकर किसानों ने खुद ही इस समस्या का समाधान खोजने का निर्णय लिया।
भालू की ड्रेस पहनते ही भागने लगे बंदर
बिजनौर (Bijnor) के चंदक निवासी स्थानीय किसानों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भालू के डर से बंदर अक्सर दूर रहते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए किसानों ने बाहर से भालू के जैसे दिखने वाले सूट मंगवाए और उन्हें पहनकर खेतों की रखवाली शुरू की। जैसे ही किसान भालू की पोशाक पहनकर खेतों की तरफ जाते हैं, बंदर उन्हें असली भालू समझकर दूर भाग जाते हैं।
किसान महेंद्र पाल ने बताया—
“बंदर दिन-दिन भर फसलें चौपट कर रहे थे। कई बार भगाने के बावजूद वे लौट आते थे। इसलिए गांव वालों ने योगदान करके भालू की ड्रेस खरीदी। अब जैसे ही गांव का कोई व्यक्ति इसे पहनकर खेत में जाता है, बंदर तुरंत दूर भाग जाते हैं।”
किसानों ने सामूहिक रूप से जुटाए पैसे
बिजनौर (Bijnor) के गांव के करीब दो दर्जन किसानों ने मिलकर करीब 5,000 से 7,000 रुपये प्रति ड्रेस के हिसाब से धनराशि इकट्ठा की और दो ड्रेस खरीदीं। अब बारी-बारी से किसान इस ड्रेस को पहनकर अपने खेतों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वर्षों पुरानी समस्या का यह उपाय अब तक सबसे कारगर साबित हो रहा है।
गांव में चर्चा का विषय बना अनोखा तरीका
बिजनौर (Bijnor) के चंदक के ग्रामीणों द्वारा अपनाए गए इस अनोखे तरीके की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। आसपास के गांवों के लोग भी चंदक गांव पहुंचकर इस पहल को देख रहे हैं। कई किसान इसे अपने क्षेत्रों में भी अपनाने की योजना बना रहे हैं।
प्रशासन भी हुआ सतर्क
बिजनौर (Bijnor) के चंदक में बंदरों के आतंक की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। अब जब मामला सामने आया है, तो वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बंदरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
किसानों को मिली राहत, फसल बचने की उम्मीद
बिजनौर (Bijnor) के चंदक गांव में भालू की ड्रेस के उपयोग के बाद किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब वे निश्चिंत होकर खेतों में काम कर पा रहे हैं, और फसल को होने वाले नुकसान में भी काफी कमी आई है।