Muzaffarnagar Ke Swami Yeshveer Maharaj Ne Diya Vivadit Bayaan
मुजफ्फरनगर (संवाददाता गौरव चौटाला) : देशभर के कई हिस्सों में हाल के दिनों में लगे “आई लव पैगंबर” पोस्टरों को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के चर्चित संत स्वामी यशवीर जी महाराज का बयान सामने आया है। महाराज ने इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार देते हुए हिंदू समाज से सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्टरों का उद्देश्य हिंदुओं को डराना और देश पर कब्जे की कोशिश करना है, जो सफल नहीं होने दी जाएगी।

पोस्टर पर उठाए सवाल
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में स्वामी यशवीर महाराज ने अपने बयान में कहा, “मैं इन लोगों से पूछना चाहता हूँ कि इस तरह के पोस्टर लगाने का उद्देश्य क्या है? क्या यह हिंदुओं को डराना चाहते हैं? क्या यह देश पर कब्जा करना चाहते हैं? यदि ऐसा है तो यह उनकी भूल है। यह ऋषियों का देश है, हिंदुओं का देश है, यह इस्लाम का देश नहीं है। यदि इन्हें पोस्टर लगाने हैं तो जहाँ इस्लाम देश है, वहीं जाकर लगाएँ।”
उन्होंने आगे कहा कि हिंदू समाज को अब ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ सड़क पर उतरना होगा। उनके अनुसार जब तक हिंदू संगठित होकर सामने नहीं आएंगे, तब तक न तो सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा और न ही देश की सांस्कृतिक पहचान।
नवरात्रि और खरीददारी को लेकर अपील
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में स्वामी यशवीर ने नवरात्रि के अवसर पर पूजा-सामग्री खरीदने को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के लोग पूजा और प्रसाद का सामान केवल सनातन धर्म से जुड़ी दुकानों से ही खरीदें। उनका आरोप है कि कुछ दुकानों पर बेचा जाने वाला सामान “खंडित” होता है, जिससे पूजा निष्फल हो जाती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर श्रद्धालु थूक–मूत्र जिहादी गैंग की दुकानों से सामान खरीदेंगे तो नवरात्रि के व्रत और पूजन भी अपवित्र हो जाएंगे।
गरबा पर भी तीखी प्रतिक्रिया
स्वामी यशवीर महाराज ने मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में इस दौरान गरबा उत्सव पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मुस्लिम युवक “लव जिहाद” की विचारधारा लेकर गरबा स्थलों पर पहुँचते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के लोग वहां पर न जाएं। साथ ही मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वास्तव में सनातन धर्म और गरबा के प्रति आस्था रखता है तो उसे अपने घर की महिलाओं और बेटियों को साथ लेकर आना चाहिए और सनातन धर्म को अपनाने की घोषणा करनी चाहिए।
उनका कहना था कि यदि कोई ऐसा करने को तैयार नहीं है तो उन्हें गरबा में शामिल होने का कोई अधिकार नहीं है। महाराज ने यहां तक कहा कि अगर कोई युवक इन शर्तों के बावजूद गरबा में आता है तो उसे सनातन धर्म स्वीकार करना ही होगा।
प्रशासन और समाज में हलचल
स्वामी यशवीर जी महाराज पहले भी कावड़ यात्रा में नाम-प्लेट अभियान और पहचान की मुहिम के कारण चर्चा में रहे हैं। अब उनके इस नए बयान ने एक बार फिर मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहस छेड़ दी है।
मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में स्थानीय स्तर पर कई लोग उनके बयान को हिंदू समाज को जागरूक करने वाला बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ संगठनों ने इसे समाज को बांटने वाला करार दिया है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि नवरात्रि और गरबा जैसे आयोजनों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो।
सामाजिक समरसता की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान इस तरह के बयान तनाव बढ़ा सकते हैं। जबकि जरूरत इस बात की है कि सभी समुदाय अपने-अपने धार्मिक उत्सव शांति और सम्मान के साथ मनाएं। पुलिस-प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि वह संवेदनशीलता के साथ हालात पर नजर रखे और जहां भी जरूरत पड़े, कार्रवाई सुनिश्चित करे।
“आई लव पैगंबर” पोस्टर विवाद पर स्वामी यशवीर महाराज का बयान मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में नए राजनीतिक और सामाजिक विमर्श की वजह बना है। उन्होंने हिंदुओं से सड़कों पर उतरने की अपील की है और नवरात्रि व गरबा से जुड़े मुद्दों पर भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) में प्रशासन किस तरह से हालात को संभालता है और समाज किस दिशा में प्रतिक्रिया देता है।