Talaab Ki Zameen Ki Paimaish Karte Adhikaari (Sambhal)
सम्भल (संवाददाता महबूब अली) : जनपद संभल (Sambhal) के हयातनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरायतरीन के वाजिदपुर सराय में सरकारी तालाब की भूमि को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने नक्शों और अभिलेखों के आधार पर तालाब की भूमि की विस्तृत पैमाइश की। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान लगभग पांच बीघा भूमि की नापजोख की गई, जिसमें करीब 40 मकानों को सरकारी तालाब की भूमि पर बने होने के रूप में चिन्हित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार यह भूमि गाटा संख्या 332 में दर्ज है, जिसे राजस्व रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से “तालाब” के रूप में अंकित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि, विशेषकर जलाशयों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।

भारी पुलिस बल तैनात, नायब तहसीलदार के नेतृत्व में कार्रवाई
मंगलवार को नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के नेतृत्व में करीब 25 सदस्यीय राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संभल (Sambhal) पुलिस प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया। पैमाइश के दौरान पुलिस बल लगातार मुस्तैद रहा और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती गई।
राजस्व विभाग की टीम ने सरकारी नक्शों और अभिलेखों के आधार पर भूमि की सीमाएं चिन्हित कीं। टीम ने एक-एक बिंदु पर माप करते हुए यह देखा कि तालाब की वास्तविक सीमा कहां तक है और किन-किन हिस्सों पर अतिक्रमण किया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों की भी बड़ी संख्या मौके पर मौजूद रही।
स्थानीय निवासियों में नाराजगी, 60 साल से रहने का दावा
संभल (Sambhal) प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों में चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले लगभग 60 वर्षों से इस भूमि पर रह रहे हैं। कई लोगों ने दावा किया कि उनके पास मकानों से संबंधित दस्तावेज, बिजली-पानी के कनेक्शन और अन्य कागजात मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि यह भूमि लंबे समय से आवासीय उपयोग में रही है।
निवासियों ने अधिकारियों को अपने-अपने दस्तावेज दिखाते हुए मांग की कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले उनके कागजातों की निष्पक्ष जांच की जाए। लोगों का कहना है कि अचानक तालाब की भूमि बताकर मकानों को चिन्हित करना उनके साथ अन्याय है।
प्रशासन का पक्ष—जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
संभल (Sambhal) प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों और सरकारी नक्शों के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी केवल पैमाइश और सीमांकन का कार्य किया जा रहा है। सभी पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की विधिवत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
संभल (Sambhal) प्रशासन ने यह भी कहा कि सरकारी तालाबों और जलाशयों को संरक्षित करना शासन की प्राथमिकता है। यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि किसी के पास वैध दस्तावेज पाए जाते हैं, तो उन्हें भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
फिलहाल वाजिदपुर सराय में तालाब की भूमि को लेकर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और पैमाइश की रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम तय किया जाएगा।