Saharanpur Me Shamshan Ghat Par Likhi Quotation se bawal
सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (Saharanpur) जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र के ग्राम पंचायत हसनपुर भलस्वा के श्मशान घाट पर लिखी गई एक कोटेशन इन दिनों चर्चा का मुख्य विषय बनी हुई है। यह कोटेशन शराब से जुड़ी है और इस पर लिखा गया है –
“बोतल छुपा दो कफन में मेरे, श्मशान में पिया करूंगा, जब भगवान मांगेगा हिसाब, तो पैग बनाके दिया करूंगा।”
श्मशान घाट की पवित्र दीवारों पर इस तरह की पंक्ति लिखे जाने से ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया है। लोगों का कहना है कि यह जगह बेहद पवित्र है और यहां इस तरह के शब्द लिखवाना बेहद अनुचित और असंवेदनशील है।

मुख्यमंत्री से शिकायत, कार्रवाई की मांग तेज
सहारनपुर (Saharanpur) के गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव के ही मनोज कुमार सिंधी ने इस मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान अजय कुमार द्वारा यह कोटेशन लिखवाई गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस तरह की लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और तुरंत प्रभाव से विवादित पंक्ति को हटाया जाए।
शिकायत में कहा गया है कि श्मशान घाट एक ऐसा स्थान है, जहां लोग अपने परिजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं और वहां शांति एवं श्रद्धा का माहौल होना चाहिए। ऐसे में शराब से जुड़ी यह कोटेशन पूरे माहौल को दूषित कर रही है।
ग्रामीणों का कहना: धार्मिक भावनाओं को ठेस
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोटेशन न केवल समाज में गलत संदेश दे रही है बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचा रही है। कई ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के सामने जाकर इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन अब तक कोटेशन को पुतवाया नहीं गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस कोटेशन को जल्द नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन और विरोध-प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
ग्राम प्रधान ने दी सफाई
जब सहारनपुर (Saharanpur) यह मामला तूल पकड़ने लगा तो ग्राम प्रधान अजय कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि यह पंक्ति गलती से लिखी गई है। उन्होंने कहा –
“कोटेशन लिखने वाले व्यक्ति से गलती हुई है। इसे जल्द ही पुतवाकर सही और प्रेरणादायक कोटेशन लिखवाई जाएगी।”
हालांकि, सहारनपुर (Saharanpur) के गागलहेड़ी क्षेत्र के ग्राम पंचायत हसनपुर भलस्वा ग्राम प्रधान की इस सफाई के बावजूद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल गलती नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही है, क्योंकि सार्वजनिक स्थल पर लिखे जाने वाले संदेश बहुत सोच-समझकर लिखे जाने चाहिए।
ग्रामीणों में बढ़ी नाराजगी
सहारनपुर (Saharanpur) के गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि श्मशान घाट पर हर कोई दुखी मन से आता है और वहां की दीवारों पर शराब जैसी बुरी आदत से जुड़ी बातें पढ़ना बेहद असहज कर देता है। इससे बच्चों और युवाओं पर भी गलत प्रभाव पड़ सकता है।
सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अनुचित
सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो श्मशान घाट पर लिखे गए संदेश लोगों को जीवन-मरण की सच्चाई और इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाले होने चाहिए। यह जगह समाज में मर्यादा और संस्कारों का प्रतीक है। ऐसे में शराब जैसी चीजों को बढ़ावा देने वाले वाक्य वहां की पवित्रता को न केवल बिगाड़ते हैं बल्कि सामाजिक मर्यादा का भी उल्लंघन करते हैं।
धार्मिक दृष्टिकोण से भी यह कार्य अनुचित माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि श्मशान घाट हमेशा से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक गंभीर स्थल रहा है। यहां पर शराब जैसी असंवेदनशील कोटेशन किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
सहारनपुर (Saharanpur) जनपद के गागलहेड़ी क्षेत्र के ग्राम पंचायत हसनपुर भलस्वा के ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब ग्राम पंचायत स्तर पर कोई कार्य होता है तो उसकी जानकारी प्रशासन को भी रहती है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही पर प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लोगों ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
सहारनपुर (Saharanpur) का यह पूरा मामला इस बात को दर्शाता है कि सार्वजनिक स्थलों पर लिखे जाने वाले संदेश कितने संवेदनशील होते हैं। एक छोटी सी गलती पूरे समाज में विवाद खड़ा कर सकती है। सहारनपुर के इस गांव में श्मशान घाट की दीवार पर लिखी गई शराब से जुड़ी यह कोटेशन न केवल ग्रामीणों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है बल्कि सामाजिक स्तर पर भी अनुचित मानी जा रही है।
अब देखना यह होगा कि सहारनपुर (Saharanpur) प्रशासन और ग्राम प्रधान इस विवाद को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं और कब तक इस विवादित कोटेशन को हटाया जाता है।