Kisaan Divas Me Farzi Semen Center Ko Leke Hungama (Shamli )
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के शामली (Shamli) जनपद में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस के दौरान पशुओं के एक कथित फर्जी सीमन कलेक्शन सेंटर को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि बात मारपीट तक पहुंच गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विनय कुमार तिवारी ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामा नहीं थमा। अंत में सीडीओ द्वारा मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी देने के बाद किसी तरह मामला शांत कराया गया।

विकास भवन में चल रहा था किसान दिवस
शामली (Shamli) से मिली जानकारी के अनुसार, विकास भवन शामली के सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया था, जिसमें जिलेभर से किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। बारी-बारी से किसान अपनी शिकायतें और मांगें प्रशासन के सामने रख रहे थे। इसी क्रम में जब भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खतियान को बोलने का अवसर मिला, तो उन्होंने सबसे पहले शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया।
फर्जी सीमन कलेक्शन सेंटर का मुद्दा उठते ही भड़का हंगामा
इसके बाद कपिल खतियान ने शामली (Shamli) जिले में झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव मन्नूगढ़ में संचालित एक पशु सीमन कलेक्शन सेंटर का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सेंटर पूरी तरह फर्जी है और पिछले कई महीनों से इसकी शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यह सुनते ही किसान दिवस में पहले से मौजूद उक्त सीमन कलेक्शन सेंटर के संचालक भड़क गए और कपिल खतियान से बहस करने लगे।

दो गुटों में बंटे किसान, सभा कक्ष में मचा हड़कंप
शामली (Shamli) जिले के इस सीमन कलेक्शन सेंटर के मुद्दे पर किसान दिवस में मौजूद किसान दो गुटों में बंट गए। एक गुट कथित फर्जी सेंटर को तत्काल बंद कराने की मांग कर रहा था, जबकि दूसरा गुट सेंटर संचालक के समर्थन में खड़ा हो गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर कहासुनी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालात इतने बिगड़े कि हाथापाई की नौबत आ गई।
सीडीओ ने बीच-बचाव कर संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख सीडीओ विनय कुमार तिवारी शामली (Shamli) ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि हंगामा बंद नहीं हुआ तो सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ। इसी दौरान सीडीओ ने सीमन कलेक्शन सेंटर के संचालक को फटकार लगाते हुए किसान दिवस से बाहर जाने के निर्देश भी दिए।
किसानों ने उठाए सवाल, जताई नाराजगी
हंगामा शांत होने के बाद किसानों ने शामली (Shamli) प्रशासन से सवाल किए कि जिस व्यक्ति पर फर्जी सीमन कलेक्शन सेंटर चलाने का आरोप है, वह किसान दिवस में आखिर कैसे पहुंच गया। किसानों का कहना था कि यदि शिकायत किए गए लोग ही किसान दिवस में आकर हंगामा करेंगे, तो ऐसे आयोजन का क्या औचित्य रह जाएगा। इस मुद्दे पर किसानों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की।
कपिल खतियान का आरोप: प्रशासनिक विफलता
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष कपिल खतियान ने कहा कि यह पूरा मामला शामली (Shamli) प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा पिछले चार महीनों से चल रहा है। जिलाधिकारी द्वारा एक जांच समिति भी गठित की गई थी और निर्देश दिए गए थे कि यदि सेंटर के पास लाइसेंस नहीं है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इसके बावजूद वही व्यक्ति किसान दिवस में पहुंच गया। उन्होंने साफ कहा कि यदि सेंटर वैध है तो उसे अनुमति दी जाए और यदि अवैध है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। मौजूदा कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं।
सीडीओ का पक्ष: जांच जारी, रिपोर्ट का परीक्षण
शामली (Shamli) के इस पूरे मामले पर सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि सीमन कलेक्शन सेंटर को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिस पर जांच कराई गई है। जांच में सामने आया है कि सेंटर सीमन तो ले सकता है, लेकिन व्यवसाय के लिए अब तक कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया है। सेंटर संचालक की ओर से एफपीओ (FPO) से जुड़ा एक दस्तावेज दिया गया है, जिसमें किसानों की आय वृद्धि के तहत इस तरह के कार्य का उल्लेख किया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
सीडीओ शामली (Shamli) ने कहा कि जांच रिपोर्ट उनके पास आ चुकी है और उसका परीक्षण कराया जा रहा है। यदि सेंटर गाइडलाइंस के अनुरूप पाया गया तो कोई कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन यदि नियमों के खिलाफ संचालन पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस तरह का व्यवसाय नियमों के तहत किया जा सकता है या नहीं।