DM Shamli Ko Gyapan Dene Pahunche BKU Padadhikaari
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : जनपद शामली (Shamli) में अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में दर्जनों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और समझौते को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की।
किसानों ने प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी अरविंद कुमार को सौंपा।

“अमेरिकी मॉडल से भारतीय किसान होंगे प्रभावित”
शामली (Shamli) के किसानों का कहना है कि अमेरिका की कृषि व्यवस्था भारी सब्सिडी, पूर्ण मशीनीकरण और बड़े कॉरपोरेट फार्म मॉडल पर आधारित है। यदि भारत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, दालों और डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करता है, तो सस्ती अमेरिकी फसलें भारतीय मंडियों में पहुंच जाएंगी।
उनका आरोप है कि इससे भारतीय किसान, जो पहले से ही एमएसपी की लड़ाई लड़ रहा है, प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएगा।
डेयरी सेक्टर पर भी खतरे की आशंका
शामली (Shamli) के किसानों ने कहा कि भारत का डेयरी मॉडल छोटे और सीमांत किसानों पर आधारित सहकारी व्यवस्था पर टिका हुआ है। यदि अमेरिकी डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ता है तो बड़ी संख्या में दूध उत्पादक परिवार प्रभावित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
एमएसपी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर असर का दावा
शामली (Shamli) के किसानों का कहना है कि व्यापार संतुलन के नाम पर भारत पर कृषि सब्सिडी कम करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली को कमजोर करने का दबाव बनाया जा सकता है। इससे एमएसपी व्यवस्था, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और देश की खाद्य आत्मनिर्भरता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
आंदोलन की चेतावनी
शामली (Shamli) से भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस व्यापार समझौते को रद्द नहीं किया तो किसान सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि यह केवल व्यापार का मामला नहीं, बल्कि किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार, खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय आर्थिक स्वायत्तता का प्रश्न है।