ASP से इस्तीफे के बाद अमीर आलम का अगला ठिकाना कांग्रेस? 23 सितंबर को बड़े राजनीतिक फैसले की चर्चा
पूर्व सांसद अमीर आलम और पूर्व विधायक नवाजिश आलम के इस्तीफे के बाद पश्चिमी यूपी की राजनीति में अटकलों का दौर तेज
शामली/मुजफ्फरनगर
आजाद समाज पार्टी (ASP) से पूर्व सांसद अमीर आलम और उनके पुत्र पूर्व विधायक नवाजिश आलम के इस्तीफे के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। नवाजिश आलम ने अपने इस्तीफे का कारण पार्टी नेतृत्व से “विचार नहीं मिलने” को बताया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अमीर आलम और नवाजिश आलम का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
अमीर आलम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा मुस्लिम चेहरा रहे हैं। वह पूर्व में सांसद रह चुके हैं, जबकि उनके पुत्र नवाजिश आलम 2012 से 2017 तक बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दोनों नेताओं के इस्तीफे का असर केवल आजाद समाज पार्टी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि अभी तक अमीर आलम या नवाजिश आलम की ओर से किसी अन्य दल में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
वहीं स्थानीय स्तर पर चर्चाएं गर्म हैं कि अमीर आलम अपने बेटे नवाजिश आलम को एक बार फिर मुख्यधारा की राजनीति में मजबूत भूमिका में देखना चाहते हैं। इसी कारण समाजवादी पार्टी के साथ उनके संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। गौरतलब है कि नवाजिश आलम पहले समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक भी रह चुके हैं।
हालांकि सपा में शामिल होने की चर्चाओं की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि आगामी दिनों में यदि अमीर आलम और नवाजिश आलम किसी बड़े दल के संपर्क में आते हैं तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
फिलहाल दोनों नेताओं के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनका राजनीतिक भविष्य किस दल के साथ जुड़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।