File Photo CM Yogi Adityanath
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी (Yogi) आदित्यनाथ सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। UP-AGREES (उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग) प्रोजेक्ट के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश की कृषि व्यवस्था में व्यापक बदलाव की शुरुआत हो गई है। इस परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, नई तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पैदावार बढ़ने के साथ-साथ किसानों की आमदनी में भी स्थायी इजाफा होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र को और मजबूत किया जाएगा।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
UP-AGREES प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित लघु उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी (Yogi) ने स्पष्ट किया कि अब सरकारी योजनाएं केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
तकनीक आधारित खेती से बढ़ी कृषि विकास दर
योगी (Yogi) सरकार के प्रयासों का असर प्रदेश की कृषि विकास दर में साफ दिखाई दे रहा है। वर्ष 2016-17 में 8.6 प्रतिशत रही कृषि विकास दर 2024-25 में बढ़कर 17.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश आज सालाना करीब 400 लाख टन फल और सब्जियों का उत्पादन कर देश में पहले स्थान पर है।
किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार खेती संभव हो पा रही है।
MSP और गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों को राहत
किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए योगी (Yogi) सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की नियमित समीक्षा की है। इस बार:
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साधारण धान का MSP: 2369 रुपये प्रति क्विंटल
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ग्रेड-ए धान का MSP: 2389 रुपये प्रति क्विंटल
जो पिछले वर्ष से 69 रुपये अधिक है।
वहीं गन्ना किसानों के लिए अगेती प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
कृषि योजनाओं से तकनीक तक आसान पहुंच
प्रदेश में UP-AGREES प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाएं किसानों के लिए लागू हैं। इस वर्ष 25 लाख नए किसानों को KCC देने का लक्ष्य तय किया गया है।
इसके साथ ही 50 प्रतिशत सब्सिडी योजना के तहत ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, ड्रोन और फसल अवशेष प्रबंधन उपकरण आधी कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बाजार भाव और मौसम की रोजाना जानकारी
उत्तर प्रदेश की योगी (Yogi) सरकार किसानों को मंडी भाव और मौसम की जानकारी रोजाना निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। अब तक 1.45 करोड़ से अधिक फार्मर कार्ड आईडी जारी की जा चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सीडलिंग उत्पादन से करीब 60 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है।
लखनऊ में 251 करोड़ रुपये की लागत से भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना की जा रही है।
खरीद केंद्रों और सिंचाई सब्सिडी से बदली तस्वीर
योगी (Yogi) सरकार में 4000 से अधिक सक्रिय खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 35-40 प्रतिशत ऐसे ब्लॉकों में हैं जहां पहले कोई स्थायी खरीद व्यवस्था नहीं थी। इससे किसानों का परिवहन खर्च घटा और फसल की त्वरित बिक्री संभव हुई।
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर सीमांत व लघु किसानों को 70-80 प्रतिशत, जबकि अन्य किसानों को 60-70 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
हाइटेक नर्सरी और पॉलीहाउस से नई उम्मीद
प्रदेश में 90 हाइटेक नर्सरियां ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ मॉडल पर संचालित हो रही हैं। पॉलीहाउस सब्सिडी से किसान सब्जी, फल और फूलों की उन्नत खेती कर रहे हैं।
खेती से करोड़पति बनने की कहानी
पद्मश्री सम्मानित बाराबंकी के किसान रामशरण वर्मा बताते हैं कि सरकारी सब्सिडी और तकनीकी सहयोग से खेती अब फायदे का सौदा बन चुकी है। केला, सब्जी, मसाला और बागवानी से किसान लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
कुल मिलाकर, योगी (Yogi) सरकार की योजनाएं खेती को परंपरागत दायरे से निकालकर आधुनिक, लाभकारी और रोजगारपरक बना रही हैं। UP-AGREES प्रोजेक्ट प्रदेश के किसानों के लिए खेती में नए युग की शुरुआत साबित हो रहा है।