Income Tax Office Me Naukri Ke Naam Par 30 Lakh thuge (Bijnor)
बिजनौर (संवाददाता महेंद्र सिंह) : उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जनपद से नौकरी के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इनकम टैक्स विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। मामला थाना नांगल क्षेत्र का है, जहां पीड़ित की शिकायत पर अदालत के हस्तक्षेप के बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार
बिजनौर (Bijnor) जिले के थाना नांगल क्षेत्र के ग्राम अभिपुरा निवासी ब्रजवीर सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले का खुलासा किया। पीड़ित के अनुसार, कुछ लोगों ने खुद को आयकर विभाग का वरिष्ठ अधिकारी बताकर उससे और अन्य छात्रों से संपर्क किया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि उनकी पहुंच विभाग के उच्च अधिकारियों तक है और वे युवाओं को सीधे नौकरी दिलवा सकते हैं।
परीक्षा और खर्च के नाम पर बैंक से ली गई रकम
बिजनौर (Bijnor) के इस प्रकरण में शुरुआती दौर में आरोपियों ने परीक्षा, फॉर्म और अन्य खर्चों का हवाला देते हुए बैंक खातों के माध्यम से लाखों रुपये जमा कराए। युवाओं को विश्वास दिलाया गया कि यह पूरी प्रक्रिया सरकारी नियमों के तहत हो रही है और जल्द ही उनका चयन हो जाएगा। धीरे-धीरे रकम बढ़ती चली गई और पीड़ित पक्ष को किसी तरह का शक भी नहीं हुआ।
दिल्ली ले जाकर कराई गईं फर्जी परीक्षाएं
बिजनौर (Bijnor) की पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने छात्रों को दिल्ली ले जाकर एक कथित आयकर कार्यालय में फर्जी परीक्षाएं कराईं। वहां सरकारी दफ्तर जैसा माहौल दिखाया गया, ताकि छात्रों को किसी तरह का संदेह न हो। परीक्षा के बाद उन्हें प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दिलाने का नाटक किया गया और नौकरी लगने का पूरा भ्रम पैदा कर दिया गया।
फर्जी ओटीपी, कर्मचारी आईडी और पोस्टिंग लेटर
ठगी को और पुख्ता करने के लिए आरोपियों ने छात्रों के मोबाइल फोन पर फर्जी ओटीपी भेजे और कथित कर्मचारी आईडी भी एक्टिव करवाई। कुछ समय बाद उन्हें जाली और कूटरचित पोस्टिंग लेटर सौंपे गए, जिससे छात्र पूरी तरह आश्वस्त हो गए कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है।
सुरक्षा राशि के नाम पर नकद रकम लेकर फरार
आरोप है कि पोस्टिंग से पहले सुरक्षा राशि (सिक्योरिटी मनी) के नाम पर बड़ी रकम नकद ली गई। इसके बाद आरोपी अचानक संपर्क से बाहर हो गए। जब छात्रों और उनके परिजनों ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके मोबाइल फोन बंद मिले और दिए गए पते भी फर्जी निकले।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगा मुकदमा
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ब्रजवीर सिंह ने बिजनौर (Bijnor) के थाना नांगल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण ली। न्यायालय ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब पुलिस आरोपियों की पहचान, बैंक लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों की जांच में जुट गई है।
युवाओं के सपनों से खिलवाड़
बिजनौर (Bijnor) का यह मामला न केवल आर्थिक ठगी का है, बल्कि बेरोजगार युवाओं के सपनों से खिलवाड़ का भी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि कोई और पीड़ित सामने आता है तो उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।