Aaropi Sarvaansh Verma (Ghazipur)
गाजीपुर (संवाददाता पवन मिश्रा) : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर (Ghazipur) जिले में सामने आए कोडीन कफ सिरप गोरखधंधे में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में गिरफ्तार स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी के संचालक सर्वांश वर्मा की जमानत अर्जी पर अब 3 जनवरी को सुनवाई होगी। गाजीपुर कोर्ट ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष को आवश्यक दस्तावेज दाखिल करने के लिए समय देते हुए अगली तारीख तय की है।
सर्वांश वर्मा को पुलिस ने सैदपुर स्थित स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी से जुड़े कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार के आरोप में गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह गाजीपुर जिला जेल में बंद है। जमानत अर्जी पर सुनवाई टलने के बाद अब 3 जनवरी को कोर्ट में इस मामले की दिशा तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

ई-रिक्शा से 10 हजार पेटी सप्लाई का दावा निकला फर्जी
गाजीपुर (Ghazipur) पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि 10,000 पेटी कोडीन कफ सिरप की सप्लाई एक ई-रिक्शा से दिखाने का दावा किया गया था। हालांकि जब पुलिस ने संबंधित ई-रिक्शा चालक से पूछताछ की तो उसने किसी भी तरह की ढुलाई से साफ इनकार कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस ई-रिक्शा को कागजों में सप्लाई के लिए दर्शाया गया था, वह मऊ जनपद में पंजीकृत है और वह कभी गाजीपुर या सैदपुर क्षेत्र में आया ही नहीं। इससे यह स्पष्ट हो गया कि ढुलाई के कागजात पूरी तरह फर्जी और कूटरचित हैं। गाजीपुर (Ghazipur) पुलिस को शक है कि इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के जरिए नशे का यह अवैध कारोबार चलाया जा रहा था।
भोला जायसवाल को सोनभद्र जेल से लाने की अनुमति
इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की भूमिका भी जांच के दायरे में है। भोला जायसवाल इस समय सोनभद्र जेल में बंद है। विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर भोला जायसवाल को वारंट-बी पर गाजीपुर (Ghazipur) लाकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी।
गाजीपुर (Ghazipur) कोर्ट ने इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए भोला जायसवाल को सोनभद्र जेल से गाजीपुर लाने की अनुमति दे दी है। पुलिस का मानना है कि भोला जायसवाल से पूछताछ के बाद इस अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं, जिनसे पूरे गिरोह की कड़ियां जुड़ सकती हैं।
कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार, नेटवर्क पर शिकंजा
कोडीन कफ सिरप के इस अवैध कारोबार में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह केवल एक मेडिकल एजेंसी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो अलग-अलग जिलों में नशीले कफ सिरप की सप्लाई करता था।
गाजीपुर (Ghazipur) पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फर्जी बिलिंग, ढुलाई और स्टॉक रजिस्टर के जरिए कितनी बड़ी मात्रा में कोडीन कफ सिरप बाजार में उतारा गया। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
3 जनवरी को कोर्ट से आ सकता है बड़ा फैसला
अब पूरे मामले में सभी की नजरें 3 जनवरी पर टिकी हैं। इस दिन न सिर्फ सर्वांश वर्मा की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी, बल्कि विवेचना से जुड़े नए तथ्य भी कोर्ट के सामने रखे जा सकते हैं। माना जा रहा है कि भोला जायसवाल की पेशी और पूछताछ से मामले को नया मोड़ मिल सकता है।
गाजीपुर (Ghazipur) पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।