Shamli Me Bhi Dekhne Ko Mila Bank Hadtaal Ka Asar
शामली संवाददाता (दीपक राठी) : उत्तर प्रदेश के जनपद शामली (Shamli) में मंगलवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। जिले के लगभग सभी सरकारी और निजी बैंकों में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की वर्षों पुरानी मांग को लेकर हड़ताल की। हड़ताल के चलते बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और अपने जरूरी काम से बैंक पहुंचे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने बैंक परिसरों के बाहर प्रदर्शन किया और वित्त मंत्री के खिलाफ ‘हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। कर्मचारियों का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।

बैंकों के बाहर प्रदर्शन, UFBU के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारी
शामली (Shamli) जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित बैंकों के बाहर UFBU के बैनर तले बैंक कर्मी एकजुट नजर आए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उनकी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन सरकार और संबंधित संस्थानों द्वारा अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
बैंक कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से जल्द मांग पूरी करने की अपील की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, हालांकि बैंक बंद रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
‘2022-23 में बनी थी सहमति, फिर भी नहीं हुआ लागू’
बैंक अधिकारी ने बताई हड़ताल की वजह
शामली (Shamli) में प्रदर्शन के दौरान एक बैंक अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2022-23 में सरकार, भारतीय बैंक संघ (IBA) और UFBU के बीच पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को लेकर सहमति बन चुकी थी। इसके तहत यह तय किया गया था कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंक कर्मी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करेंगे और इसके बदले प्रत्येक शनिवार को अवकाश दिया जाएगा।
बैंक अधिकारी ने कहा,
“करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद इस सहमति पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इससे बैंक कर्मियों में गहरा असंतोष और आक्रोश है।”
अन्य वित्तीय संस्थानों में पहले से लागू है पांच दिवसीय कार्य प्रणाली
‘सिर्फ बैंक कर्मियों को ही क्यों रखा गया अलग?’
शामली (Shamli) से बैंक कर्मियों का कहना है कि
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)
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एलआईसी, जीआईसी
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केंद्र व राज्य सरकार के कार्यालय
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स्टॉक एक्सचेंज और अन्य वित्तीय संस्थान
पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के तहत कार्य कर रहे हैं। ऐसे में केवल बैंकिंग क्षेत्र को इससे वंचित रखना अनुचित और भेदभावपूर्ण है।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि आज के समय में डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं, इसलिए पांच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू होने से आम जनता को कोई नुकसान नहीं होगा।
महिला कर्मचारियों और वर्क-लाइफ बैलेंस पर पड़ेगा सकारात्मक असर
बैंक कर्मियों का कहना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू होने से
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कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर होगा,
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मानसिक तनाव में कमी आएगी,
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और महिला बैंक कर्मचारियों को विशेष रूप से इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य परिस्थितियों से बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
ग्राहकों को हुई परेशानी
शामली (Shamli) में बैंक हड़ताल के चलते नकद निकासी, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, लोन और अन्य बैंकिंग कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। कई ग्राहक सुबह से बैंक के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें बिना काम के वापस लौटना पड़ा।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग
शामली (Shamli) से बैंक कर्मचारियों ने सरकार से अपील की है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को जल्द लागू किया जाए, अन्यथा आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।