Bijnor-Big-decision-in-DSP-Tanjil-Ahmed-murder-case
(रिपोर्ट महेंद्र ढाका): Bijnor से एक बड़ी कानूनी खबर सामने आई है, जहां चर्चित DSP तंजील अहमद हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी रेयान को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच के आधार पर बिजनौर की निचली अदालत ने रेयान को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। अब करीब 10 साल बाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद रेयान की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
गौरतलब है कि यह सनसनीखेज वारदात 2 अप्रैल 2016 की रात बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र में हुई थी। उस समय NIA में तैनात DSP तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में DSP तंजील अहमद को करीब 24 गोलियां मारी गईं, जबकि उनकी पत्नी फरजाना की भी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी, जिसके बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई थी। जांच के दौरान रेयान और मुनीर नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। ट्रायल के बाद निचली अदालत ने रेयान को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी, जबकि दूसरा आरोपी मुनीर बीमारी के चलते पहले ही दम तोड़ चुका है।
हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील के बाद मामले की दोबारा सुनवाई हुई, जिसमें साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने रेयान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सका।
इस फैसले के बाद जहां एक ओर आरोपी पक्ष में राहत की लहर है, वहीं पीड़ित परिवार और जांच एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला अब एक बार फिर चर्चा में आ गया है और न्याय प्रक्रिया पर भी बहस तेज होने की संभावना है।