Salma File Photo (Barabanki)
बाराबंकी (Barabanki): उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) जिले की रहने वाली सलमा हुमायूं आज उन महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं, जो कभी घर की चारदीवारी तक सीमित रह जाती थीं। अपने हौसले, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर सलमा ने घर बैठे एक छोटा सा काम शुरू किया और आज वही काम उनकी पहचान बन चुका है।
सलमा ने घर से ही मूंग की पिंडी बनाने का काम शुरू किया। धीरे-धीरे उनकी बनाई हुई पिंडी लोगों को इतनी पसंद आने लगी कि अब न सिर्फ शहर में बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी उनके पास ऑर्डर आने लगे हैं। इस काम से सलमा न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि अच्छी आय भी अर्जित कर रही हैं।

देसी घी और ड्राई फ्रूट से बनती है खास पिंडी
बाराबंकी (Barabanki) शहर के सिविल लाइन इलाके में रहने वाली सलमा हुमायूं अपने घर पर शुद्ध देसी घी और ड्राई फ्रूट से मूंग की पिंडी तैयार करती हैं। काजू, बादाम और मूंग की दाल से बनने वाली यह मिठाई स्वाद और गुणवत्ता के कारण लोगों के बीच खास पहचान बना चुकी है।
खास तौर पर शादियों, मांझा और अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए लोग उनसे ऑर्डर देकर मूंग की पिंडी बनवाते हैं। उनकी बनाई पिंडी की कीमत करीब 1000 रुपये प्रति किलो है, लेकिन स्वाद और गुणवत्ता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
दादी से मिली प्रेरणा, हुनर हाट से मिली पहचान
बाराबंकी (Barabanki) की सलमा हुमायूं बताती हैं कि मूंग की पिंडी बनाने का विचार उन्हें अपने बचपन से ही मिला। उनके घर में जब भी शादी या कोई बड़ा कार्यक्रम होता था, तो उनकी दादी अम्मी खुद अपने हाथों से मूंग की पिंडी तैयार करती थीं। उसी समय से उन्होंने यह कला सीखनी शुरू कर दी थी।
करीब तीन साल पहले नगर पालिका में आयोजित हुनर हाट मेले में उन्होंने पहली बार अपनी बनाई मूंग की पिंडी लोगों को चखाई। वहां लोगों ने इसे काफी पसंद किया और यहीं से उनके छोटे से कारोबार की शुरुआत हुई।
शादी के सीजन में बढ़ जाती है मांग
बाराबंकी (Barabanki) की सलमा बताती हैं कि शादियों के मौसम में मूंग की पिंडी की मांग काफी बढ़ जाती है। कई परिवार शादी और अन्य कार्यक्रमों के लिए उनसे पहले से ऑर्डर बुक करा लेते हैं।
सीजन के दौरान उन्हें करीब 50 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है। इससे उन्हें अपने परिवार की आर्थिक मदद करने का मौका मिलता है और साथ ही आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है।
महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा
बाराबंकी (Barabanki) की सलमा हुमायूं की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो घर से ही कुछ शुरू करना चाहती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने हुनर को पहचान दी और आज एक छोटे से घरेलू व्यवसाय के जरिए अपनी अलग पहचान बना ली है।